शिवराज सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही महिला शिक्षकों ने मुंडवाए सिर

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शिवराज सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही महिला शिक्षकों ने मुंडवाए सिरबाल मुंडवातीं शिक्षिकाएं

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में संविलियन की मांग कर रहे शिक्षकों ने अपना विरोध जताने के लिए अजीबो गरीब तरीका अपनाया। महिला शिक्षकों ने सड़क पर बैठकर अपने बाल मुंडवा लिए। विरोध में शामिल होने आई महिला शिक्षकों ने सामूहिक मुंडन कराया।

शिक्षकों ने शनिवार को भोपाल में 'अध्यापक अधिकार यात्रा' निकाली। शिक्षकों की मांग है कि उन्हें समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। स्थाई शिक्षकों की तरह तबादले में भी उनके साथ समानता बरता जाए। शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में सामूहिक मुंडन कार्यक्रम में प्रदेश भर के शिक्षक शामिल हुए। इसके लिए जिला इकाई रायसेन की ओर से प्रचार-प्रसार के लिए यात्रा जिले के विभिन्न मुख्यालयों से होते हुए भोपाल ले जाई गई।

अध्यापक अधिकार यात्रा' का कई जगहों पर स्वागत किया गया. अध्यापकों ने विशाल वाहन रैली, दो पहिया वाहनों में सवार होकर सैकड़ों की संख्या में मुख्य मार्गो से निकालकर सरकार को अपनी मांगों से अवगत कराया।

शिक्षकों ने सरकार को दिया था अल्टीमेटम

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने पांच दिन पहले प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर उनकी मांगें नहीं पूरी की गई तो वे सामूहिक रूप से मुंडन कराएंगे। सैंकड़ो महिला और पुरुष शिक्षक भोपाल के दशहरा मैदान में जुटे और सिर के बार मुंडवा लिए।

अनुकंपा भर्ती और सातवें वेतन मान लागू करने की भी मांग

महिला शिक्षकों को बाल मुंडवाते देख वहां मौजूद कई शिक्षकों के आंखों में आंसू आ गए। हालांकि उनका कहना है कि वे अपनी मांगों को पूरा करने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। मध्य प्रदेश अध्यापक संघ की अध्यक्ष शिल्पी सिवान ने कहा कि इतने साल से बीजेपी सत्ता में है, लेकिन लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

शिक्षक संघ इस बात से भी नाराज है कि उनके इतने बड़े स्तर पर विरोध जताने के बाद भी सरकार की ओर से कोई भी उनसे बात करने के लिए नहीं पहुंचा। अध्यापक शिक्षा विभाग में संविलियन और तबादला बंधन मुक्त नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक संघ संविलियन के अलावा अनुकपा भर्ती और सातवां वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहा है।

 

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