मध्य प्रदेश के झुमटा गांव में बोरवेल से पानी की जगह निकल रही आग, ये हो सकता है कारण

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर तहसील के गांव झुमटा में बोरवेल से पानी की जगह आग निकल रही है। एक बोरेवल में पिछले 20 दिनों से आग लगातार निकल रही है, जबकि गांव के दूसरे एक दर्जन पेयजल के बोर से ज्वलनशील गैस निकल रही है।

Arun SinghArun Singh   8 Nov 2021 7:03 AM GMT

पन्ना (मध्य प्रदेश)। बोरवेल से पानी निकलते हुए तो हर किसी ने देखा होगा, लेकिन यदि उससे पानी की जगह आग की लपटें निकलने लगें तो हैरान होना स्वाभाविक है। ऐसी ही हैरान करने वाली अनोखी घटना मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर तहसील के गांव झुमटा में सामने आई है। आग निकलने की शुरुआत एक बोरिंग से हुई थी उसके बाद गांव के कई दूसरे बोर से भी गैस निकलने और आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। गैस से कुछ ग्रामीणों को सिर दर्द और गले में खरास समेत कई दिक्कते हो रही हैं। मामले की जांच के लिए आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) देहरादून से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। इसके अलावा संबंधित गांव में धारा 144 लगाई गई है।

एमपी की राजधानी भोपाल से लगभग 450 किलोमीटर दूर पन्ना जिले के झुमटा गांव में 18-19 अक्टूबर को गांव के पूर्व शासकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में पानी के लिए बोर कराया जा रहा था, बोर के दौरान ही ज्वलनशील गैस निकलने पर आग भड़क उठी जिसकी चपेट में बोरिंग मशीन भी आ गई थी। शुरुआत में सिर्फ स्कूल के बोरवेल से आग निकल रही थी लेकिन बाद में गांव के 14 दूसरे बोरवेल से गैस रिसाव या आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।

सरकारी स्कूल के बाहर निकलती आग की लपटें

580 फीट गहरा है स्कूल का बोरवेल, चूना और कोयला निकलने के बाद लगी आग

झुमटा गांव के निवासी शिव नरेश त्रिपाठी (48 वर्ष) बताते हैं, "माध्यमिक शाला झुमटा में जो बोर हुआ है वह 580 फीट गहरा है, फिर भी उसमें पानी नहीं निकला। गांव का कोई भी बोर इतना गहरा नहीं है। जब बोरिंग मशीन से बोर खोदना शुरू हुआ तो पहले लाल मिट्टी निकली, फिर सफेद चूना की तरह निकला और इसके बाद काला कोयला निकलता रहा। पानी न निकलने पर खुदाई जब जारी रही तो 580 फीट की गहराई में पहुंचते ही बोरवेल में आग भड़क उठी।"

शिव नरेश त्रिपाठी ने गांव कनेक्शन को बताया, "मौके पर मौजूद लोगों ने रेत व पानी डालकर आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। घटना की खबर मिलने पर प्रशासन द्वारा हीरा खनन परियोजना (एनएमडीसी) व सतना से फायर ब्रिगेड बुलाई तब जाकर किसी तरह आग पर काबू पाया गया।"

हीरा खदानों की धरती कहे जाने वाले पन्ना जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर गुनौर तहसील के झुमटा गांव की आबादी करीब ढाई हजार है। गांव के आसपास की जमीन पथरीली है, गांव से कुछ दूरी पर पत्थर की खदानें भी हैं। बुंदेलखंड के दूसरे जिलों की तरह यहां भी भूमिगत जलस्तर काफी नीचे हैं। गांव में पेयजल के इंतजाम के लोगों बोरवेल करवाए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव में 50 से ज्यादा बोरवेल हैं, जिनमें से 12-14 में ज्वलनशील गैस निकल रही है, कुछ में आग भी लग चुकी है।

धरती से गैस निकलने की घटनाओं के बाद इलाके में प्राकृतिक गैस व तेल का भंडार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मामले की पड़ताल के लिए प्रशासन द्वारा आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) देहरादून से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है।

19 अक्टूबर के आसपास बोरवेल से पानी की जगह आग निकलते देख पन्ना जिला प्रशासन देहरादून से ओएनजीसी की एक टीम बुलवाई थी, जिन्होंने गैस एवं पानी का परीक्षण कर सुरक्षा की दृष्टि से बोर में एक बड़ी चिमनी फिट कर दी थी। इस चिमनी के ऊपरी भाग से अभी भी आग की लपटें निकल रही हैं। बोर में चिमनी लगाए जाने के कुछ ही दिनों के बाद झुमटा गांव के अन्य दूसरे बोरवेलों से भी ज्वलनशील गैस निकलने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे थे।

झुमटा गांव में कई बोरवेलों से गैस रिसाव तथा दूसरे बोरवेलों में भी आग लगने की जानकारी मिलने पर पन्ना कलेक्टर संजय मिश्रा व पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना दल बल के साथ शनिवार 6 नवंबर को गांव में पहुंचकर चौपाल लगाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया बोरवेल से निश्चित दूरी बनाए रखने और उसके आसपास किसी ज्वलनीश वस्तु लेकर न जाने की अपील की है और हिदायत भी दी है।

कलेक्टर संजय मिश्रा ने ग्रामीणों से कहा कि घटनाक्रम की सरकार सक्रिय है, इस इलाके में जितने भी बोरवेल है, जहां से गैस का रिसवा हो रहा है वहां सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा 8 नवंबर को ओएनजीसी की एक विशेष टीम भी गांव में जांच के लिए आ रही है।" जिला प्रशासन गैस के संपर्क में आऩे वाले लोगों के सेहत की जांच के लिए एक हेल्थ कैंप लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीम भेजने के बात कही है।

बोरवेल से निकलती आग को देखने उमड़ी भीड़, 7 नवंबर को गांव में कलेक्टर ने चौपाल भी लगाई थी।

झुमटा गांव में हैं 50 से अधिक बोर

झुमटा निवासी शिव नारायण त्रिपाठी ने गांव कनेक्शन को बताया, "हमारे घर में जो बोरिंग (बोर) है, उससे गैस का रिसाव हो रहा है। आग भी लग चुकी है। गीले बोरे आदि डालकर किसी तरह आग बुझाई गई थी।" ग्रामीणों के मुताबिक गांव के शिरोमणि त्रिपाठी, रामगोपाल त्रिपाठी, किशोरी लाल त्रिपाठी, मुन्ना पटेल, लखन लाल पटेल तथा मंगलिया कुम्हार सहित अन्य कई लोगों के बोर से गैस का रिसाव हो रहा है।

शिवनारायण त्रिपाठी बताते हैं, " जो गैस निकल रही है उससे दुर्गंध आती है, जिससे गले में खरास, सिर भारी व सीने में दर्द होता है। दूर जाने पर कुछ देर में अपने आप ठीक लगने लगता है। कलेक्टर साहब ने हेल्थ टीम के आने की बात कही है।

बोरवेल में आग भड़कने के बाद से बंद है स्कूल

झुमटा गांव के माध्यमिक शाला जहां बोरवेल से अभी भी आग निकल रही है, वह बंद है। जिला शिक्षा अधिकारी कमल सिंह कुशवाहा ने गांव कनेक्शन को बताया, "गांव के नजदीकी विद्यालय में यहां के बच्चों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक शाला झुमटा में पढ़ने वाले बच्चों को पास के गांव पाली स्थित माध्यमिक शाला में जाने को कहा गया है। यह शाला झुमटा गांव की शाला से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है।

गांव में धारा 144 लागू

अनुविभागीय दंडाधिकारी अनुभाग गुनौर सत्यनारायण दर्रो ने रविवार 7 नवंबर से धारा 144 के अंतर्गत झुमटा गांव में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत ग्राम झुमटा में गैस रिसाव घटनास्थल के समीप फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा। घटनास्थल से 10 किलोमीटर की दूरी तक बोरिंग एवं किसी भी प्रकार का उत्खनन किया जाना प्रतिबंधित होगा। जहां-जहां गैस रिसाव हो रहा है उन स्थानों को चिन्हित करते हुए वहां बैरीकेटिंग की जाएगी।

घटना स्थलों के आसपास बच्चों, वृद्ध व गर्भवती महिलाओं के जाने और रहने पर रोक लगा दी गई है। घटनास्थल के पास भीड़ लगाने, धार्मिक, राजनीतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस संबंध में किसी तरह की अफवाह फैलाने पर भी कड़ी कार्यवाई के आदेश दिए गए हैं।

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