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मंदसौर रेप केस: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार

मंदसौर में 26 जून को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से नाबालिग बालिका का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार कर उसे जान से मारने की कोशिश करते हुए उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 27 जून की देर रात को एक आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया था।

Diti BajpaiDiti Bajpai   29 Jun 2018 2:06 PM GMT

मंदसौर रेप केस: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला दूसरा आरोपी भी गिरफ्तारसाभार: इंटरनेट

मंदसौर(भाषा)। मध्यप्रदेश के मंदसौर में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 24 वर्षीय एक और आरोपी को आज गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में पकड़े गये पहले आरोपी इरफान (20) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बालिका से बलात्कार की वारदात में उसके साथ मंदसौर के मदरपुरा का रहने वाला आसिफ भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले के दूसरे आरोपी को भी आज धर दबोचा। अतिरक्ति पुलिस अधीक्षक एसएस कनेश ने बताया, "जांच के बाद मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दूसरे आरोपी आसिफ को भी आज पोस्को कानून तथा भादवि की सम्बद्ध धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है।"

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उन्होंने बताया, आसिफ़ मकान की छत डालने के लिये सेंटिग बनाने का काम करता है। मंदसौर में 26 जून को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से नाबालिग बालिका का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार कर उसे जान से मारने की कोशिश करते हुए उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 27 जून की देर रात को एक आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया था। मंदसौर में लोगों ने इस घटना के खिलाफ कल 28 जून को शहर बंद रखा।

एक निजी स्कूल की कक्षा तीन में पढ़ने वाली नाबालिग मासूम बच्ची का बुधवार 26 जून की शाम को अपहरण होने की सूचना पर उसकी तलाश में अभियान चलाया गया। इस दौरान वह शहर के बस स्टैंड के समीप लक्ष्मण दरवाजे के झाड़ियों में घायल अवस्था में पड़ी मिली। बच्ची को मन्दसौर में इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है जहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

इस मामले में शहर के मुस्लिम समाज एवं मेव वेलफेयर सोसायटी की ओर से प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि निजी विद्यालय की बालिका का अपहरण करके जिस अमानवीयता का परिचय आरोपियों ने दिया है, उसके कारण बहुसंख्यक समाज के साथ ही मुस्लिम समाज भी आक्रोशित होकर शर्म महुसस कर रहा है। इस अमानवीय घटनाकम की मुस्लिम समाज निंदा करते हुए पीड़ित बालिका एवं परिजनों के साथ दुख की घडी में भागीदार है।

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ज्ञापन में इस अमानवीय वारदात के आरोपियों को न्याय व्यवस्था में तेजी लाते हुये त्वरित सुनवायी अदालत के जरिये फांसी की सजा दिलवाये जाने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा आंगनवाड़ी एवं आशा-ऊषा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम दिये गये ज्ञापन में घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए त्वरित सुनवायी अदालत की स्थापना कर पकड़े गये आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है।

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