मैला ढोने का काम छोड़ा तो अब सरकार 40,000 रुपए की मदद देगी

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नई दिल्ली  (भाषा)। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने आज बताया कि सिर पर मैला ढोने का काम छोड़ने वाले लोगों को 40,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय मदद दे दी गई है और अभी तक 9,000 लोगों को पुनर्वासित भी किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों से संभावित लाभार्थियों के बैंक खातों का विवरण भेजने को कहा गया है ताकि केंद्र प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए उन्हें मदद मुहैया करवा सकें।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा, ‘‘हालांकि एक अंदाजे के अनुसार देश में 2.5 लाख सिर पर मैला ढोने वाले हैं लेकिन हमने जब इस संबंध में जानकारी मांगी तो केवल 10-12 राज्यों ने ही हमें विवरण भेजा और यह आंकड़ा 12,228 हैं जिनमें से हमने 9,000 लोगों को पुनर्वासित भी कर दिया है।'' 

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन लोगों के बैंक खातों के विवरण मांग रहे हैं जो सिर पर मैला ढोने का काम छोड़ना चाहते हैं ताकि उनके खातों में 40,000 रुपए जमा कराए जा सकें। जैसे कि भारत सरकार की एक डीबीटी योजना है उसके तहत लाभार्थियों को मदद पहुंचाने के लिए हमें उनके नाम और पते की ज़रुरत होती है।'' 

गहलोत ने कहा, ‘‘हम सभी राज्यों से अनुरोध करते हैं कि वे एक सर्वेक्षण कर सिर पर मैला ढोने वाले लोगों के संबंध में जानकारी प्राप्त करें और हमें उनके बैंक खातों के विवरण भेजें ताकि हम उन्हें मदद की राशि पहुंचा सकें।" 

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