मैं यूपी के मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी नहीं: मनोज सिन्हा

मैं यूपी के मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी नहीं: मनोज सिन्हागाँव कनेक्शन

मथुरा। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज कहा कि वे अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाने के लिए हो रही कथित दौड़ में नहीं शामिल हैं। सिन्हा मथुरा जंक्शन स्टेशन पर अशक्त यात्रियों के लिए स्थापित किए गए एस्केलेटर्स (स्वचालित सीढ़ियों) का लोकार्पण करने के लिए आए थे। 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा के किसी भी इंटरनल सर्वे में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की सूची में शामिल होने से पूरी तरह इंकार करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं इस प्रकार की किसी भी दौड़ में शामिल नहीं हूं। मैं जहां हूं, वहीं खुश हूं। पार्टी ने मुझे जनता की सेवा के लिए जो जिम्मेदारी दी है, मैं उसे पूरी ईमानदारी से निभा रहा हूं।’’ 

गौरतलब है कि बिहार चुनावों में मिली करारी हार से सबक लेने के बाद असम विधानसभा चुनाव में पहले से ही मुख्यमंत्री का नाम प्रचारित करने से मिले सकारात्मक परिणाम उत्साहित पार्टी ने जब से उत्तर प्रदेश के चुनावों से पहले मुख्यमंत्री प्रत्याशी का नाम घोषित करने पर विचार करने की घोषणा की है, तभी से आए दिन किसी न किसी कद्दावर नेता के नाम पर सवाल उछाला जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने एक आंतरिक सर्वेक्षण करवाया है, जिसमें केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, सांसद वरुण गांधी आदि अनेक अन्य युवा नेताओं के साथ-साथ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का नाम भी मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर शामिल बताया जा रहा है।

मनोज सिन्हा जिले गाजीपुर की लोकसभा सीट से तीसरी बार (1996, 1999 व 2014) सांसद चुने गए हैं। बनारस हिन्दू विवि (अब आइआइटी वाराणसी) से सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले अपने पिछले संसदीय काल में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा क्षेत्रीय सांसद क्षेत्र विकास निधि के उपयोग करने वाले सांसद रहे हैं। सिन्हा की गिनती भाजपा के पूर्वी उत्तर प्रदेश के दमदार नेताओं में होती है। 

वर्ष 2020 तक सुनिश्चित सीट पा सकेंगे रेल यात्री 

मथुरा (भाषा)। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को यहां केंद्र सरकार के पिछले दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों तथा आने वाले अगले तीन-चार वर्षों का रोड मैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार के कार्यकाल में रेलवे की स्थिति में काफी कुछ बदल जाएगी।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं पर रेलवे सालाना 48 हजार करोड़ तक खर्च कर रही थी लेकिन इस सरकार ने गत वर्ष एक लाख करोड़ रुपए और इस वर्ष सवा लाख करोड़ व्यय करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि वर्ष 2020 तक रेलवे आरक्षण में प्रतीक्षा सूची को समाप्त कर उसे मांग के अनुरुप कर दिया जाए। यात्री जब चाहें यात्रा में सुनिश्चित सीट पा सकते हैं।  सिन्हा ने कहा कि मथुरा के निकट रेलवे बाईपास बनाने की एक योजना तैयार की जा रही है जिस पर 100 करोड़ रुपया खर्च होगा। इस योजना के पूरी होने पर तेजगति की ट्रेनों को चलाना आसान हो जाएगा। रेलवे 12 जून के बाद मथुरा-पलवल के बीच  200 किमी गति से चलने वाली टैल्गो ट्रेन शुरू करने जा रहा है। 

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