मनोरंजन

इस रियल लाइफ हीरो का किरदार निभाएंगे अक्षय, जान पर खेल कर बचाया था कई मज़दूरों को

लखनऊ। बॉलीवुड में आजकल बायोपिक का दौर चल रहा है। लगभग हर महीने एक नई बायोपिक का ऐलान होता है। अब एक और असल ज़िंदगी के हीरो पर फिल्म बनने जा रही है और इस असली हीरो का किरदार निभाएंगे अक्षय कुमार। यह फिल्म देश के हीरो जसंवत सिंह गिल पर बनाई जा रही है। जसवंत ने 1989 में अब तक कोयले की खदान में हुए सबसे बड़े हादसे में अपनी जान पर खेलकर 64 मज़दूरों की जान बचाई थी। फिल्म का डायरेक्टर और प्रोड्यूसर कौन होगा इस बारे में अभी कोई खबर नहीं आई है।

ये है हादसे की कहानी

जसवंत सिंह गिल पश्चित बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में स्थित महाबीर खदान में अतिरिक्त मुख्य खदान अभियंता के तौर पर तैनात थे। 13 नवंबर 1989 में इस खदान में 220 मज़दूर कोयले की चट्टानों को ब्लास्ट करके तोड़ रहे थे। ब्लास्ट इतना तेज़ था कि पास के वॉटर टेबल की के पास की दीवार में दरार आ गई। इन दरारों से पानी बहुत तेजी से खदान के अंदर आने लगा। वेबसाइट बेटर इंडिया के मुताबिक, 220 लोगों में से 6 लोगों की मौत हो गई। बाकी लोगों को लिफ्ट से खींचने की कोशिश की गई लेकिन 64 लोग खदान में ही फंसे रह गए।


जसवंत सिंह गिल

ये भी पढ़ें : ... तो ‘बाहुबली’ को मिल गई उसकी असली ‘देवसेना’, जल्द करेंगे शादी

जब जसवंत को इस हादसे के बारे में पता चला तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना पानी से भरी इस खदान में घुस गए। कुछ अधिकारियों ने पंपों का इस्तेमाल किया ताकि पानी खदान के बाहर खींचा जा सके लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद जसवंत सिंह गिल ने खदान में बोर वेल खोदे जिससे खदान में फंसे मज़दूरों तक खाना और पानी पहुंचाया जा सके।

ये भी पढ़ें : ...तो इसलिए आमिर सोशल मीडिया पर नहीं रहते एक्टिव

इसके बाद उन्होंने एक और कुआं खोदा और इसके ज़रिए 2.5 मीटर लंबा स्टील का एक कैप्सूल खदान में उतारा। जसवंत ने बचाव और राहत कार्य की ट्रेनिंग ली थी इसलिए वह बिना किसी डर के खदान में उतर गए। हालांकि उनके सीनियर इस बात के राजी नहीं थे। वे इस तरह अपने एक अच्छे अधिकारी की जान दांव पर नहीं लगाना चाहते थे। लेकिन जसवंत ने किसी की भी नहीं सुनी। जसवंत ने एक-एक सभी 64 मज़दूरों को खदान में से स्टील के कैप्सूल के जरिए बाहर निकाला। इस राहत और बचाव कार्य में जसवंत को 6 घंटे लग गए।

और फिर मिला सम्मान

हादसे के दो साल बाद यानि 1991 में राष्ट्रपति रामास्वामी वेंकटरमन ने भारत सरकार की ओर उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किया। कोल इंडिया ने उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी नवाजा था। इसके बाद, 23 नवंबर 2016 को जसवंत गिल को बाबा फरीदा हेरिटेज फेस्टिवल के दौरान भगत सिंह पूर्ण अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।