लोक संगीत का मूल रूप में उपयोग करे बॉलीवुड: मांगनियार 

लोक संगीत का मूल रूप में उपयोग करे बॉलीवुड: मांगनियार अनवर खान मांगनियार, गायक

जोधपुर (आईएएनएस)। फिल्म 'रंग रसिया' और 'धनक' में गा चुके राजस्थान के लोकप्रिय गायक अनवर खान मांगनियार का कहना है कि यह देखकर अच्छा लगता है कि बॉलीवुड फिल्मों में लोक संगीत का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन इसका उपयोग इसके मूल रूप में ही किया जाना चाहिए। मांगनियार ने बताया, ''बॉलीवुड फिल्मों में जिस तरह से लोक संगीत का उपयोग हो रहा है, उससे मैं खुश और दुखी दोनों हूं। हमें फिल्मों के जरिए एक मंच मिल रहा है और यह हम जैसे कलाकारों के लिए अच्छी प्रगति है, लेकिन हम अपने गीतों को भी प्रगति करते देखना चाहते हैं।''

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय राजस्थान लोक महोत्सव (RIFF) के दौरान कहा, ''लोग हमारे कई गानों को शब्दों के जरिए नहीं समझ पाते हैं, लेकिन वे लय को समझते हैं और उसके जरिए जुड़ जाते हैं। इसलिए हमारे गानों का बॉलीवुड में इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन आधे स्वरूप में या संपादित करके इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।''

उन्होंने अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी। मांगनियार ने 'हम दिल दे चुके सनम' के गाने 'नींबूड़ा' का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्म में इस गाने को मूल रूप में नहीं दर्शाया गया है। यह पूरा गीत वास्तव में ज्यादा रोचक व लयबद्ध है। कृष्ण मोहन भट्ट, विश्व मोहन भट्ट और जाकिर हुसैन जैसे शास्त्रीय संगीतज्ञों के साथ संगत कर चुके खान का कहना है कि पुराने गाने सुनने में अच्छे लगते हैं। पहले लोग अपने पिता व पूर्वजों से गायन सीखा करते थे।

जैसलमेर के मांगनियार समुदाय से ताल्लुक रखने वाले खान कहते हैं कि बच्चों के एक हाथ में कलम और दूसरे हाथ में वाद्ययंत्र होना चाहिए। वह पारंपरिक जंगाड़ा, सूफी और सिराकी लोकगीत गा सकते हैं। वह जैसलमेर के बैया गाँव से आते हैं। उन्होंने देश-विदेश में प्रस्तुति दी है और जल्द ही वह अबू धाबी में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले हैं।

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