‘न्यूटन’ में बौद्धिकता बघारने का प्रयास नहीं किया गया है :  पंकज त्रिपाठी

‘न्यूटन’ में बौद्धिकता बघारने का प्रयास नहीं किया गया है :  पंकज त्रिपाठीफिल्म न्यूटन

नई दिल्ली (भाषा)। नक्शा बदलने के वादा के साथ कई फिल्में सिनेमा घरों में आती हैं लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो लोगों तक अपना संदेश पहुंचा पाती हैं।

न्यूटन के स्टार पंकज त्रिपाठी ने कहा कि उनकी हालिया फिल्म में वास्तव में कोई लंबे-चौड़े वादे नहीं किए गए हैं और दर्शकों को छला नही गया है। फिल्म में त्रिपाठी ने आत्मा सिंह नामक सख्त, सनकी सीआरपीएफ अधिकारी की भूमिका निभायी है। मुख्य भूमिका में राजकुमार राव हैं जो ईमानदार युवा सरकारी क्लर्क न्यूटन कुमार की भूमिका में हैं।

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त्रिपाठी ने कहा, ''इस फिल्म में बौद्धिकता बघारने का प्रयास नहीं किया गया है। इसमें कुछ भी इस तरह का नहीं किया गया है कि हम ऐसा कुछ बड़ी बात कहना चाहते हैं जिसे आप नहीं समझते। यह सिने प्रेमियों की संवेदनशीलता को भी कम नहीं करता है। यह सरल और हास्यास्पद तरीके से कहानी कहने के लिए बनाई गयी है।

यह फिल्म अगले साल ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इसकी पटकथा फिल्म के निर्देशक अमित मसूरकर और मयंक तिवारी ने मिल कर लिखी है। त्रिपाठी ने कहा कि लेखक-निर्देशक ने न्यूटन के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा नहीं थोपा है।

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उन्होंने कहा, ''फिल्म में कोई राजनीति नहीं है। कहानी में इसकी कोई जरुरत भी नहीं थी। यह एक सच्ची और मौलिक कहानी है। इसकी मदद के लिए कोई बाहरी उपकरण की जरुरत नहीं है। न्यूटन 22 सितंबर को प्रदर्शित हुयी है। इसमें रघुबीर यादव, अंजलि पाटिल और संजय मिश्रा भी अहम किरदार में हैं। अब त्रिपाठी की अगली फिल्म फुकरे रिटर्न्स प्रदर्शित होने वाली है।

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