बर्लिन फिल्म फेस्टिवल से मिलेगा भारतीय घरेलू फिल्म उद्योग को बढ़ावा : वानी त्रिपाठी

बर्लिन फिल्म फेस्टिवल से मिलेगा भारतीय घरेलू फिल्म उद्योग को बढ़ावा : वानी त्रिपाठी68वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, बर्लिन में पहुंचे भारतीय सिनेमा जगत से जुड़े लोग।

बर्लिन में शुरू हुए 68वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में विदेशों में घरेलू फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बीच एक समझौता हुआ है।

केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की सदस्या, वानी त्रिपाठी ने बताया , '' भारतीय फिल्म उद्योग में प्रयोग होने वाला कॉटेंट अच्छा है और यहां की कहानी कहने की कला सबसे अलग है। विदेशों तक हिंदी सिनेमा को बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए 68वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भारत से आए फिल्म इंडस्ट्री के लोगों और हमारे प्रतिनिधिमंडल के बीच एक खास टाई-अप हुआ है। इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले घरेलू फिल्म उद्योगों और उभरते हुए कलाकारों को फायदा होगा और नौकरी के मौके बढ़ेंगे।"

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पहली बार भारत ने बर्लिन फिल्म फेस्टीवल में भेजा अपना उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आए प्रतिनिधिमंडल का विषय भारतीय सिनेमा पर कथाओं के विकास पर केंद्रित था। यह पहली बार था कि भारत ने बर्लिन में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा था। घरेलू फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जमा हुए इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय फिल्म निर्माता करन जौहर और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, कुमार आर परमार, शाजी करुण, जाहनू बरुआ, अमिता सरकार, और वानी त्रिपाठी शामिल थे।

केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की सदस्या, वानी त्रिपाठी के साथ करन जौहर।

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'' फेस्टिवल में जर्मनी, स्पेन और ब्राज़ील जैसे कई देशों के फिल्म उद्योग ने भारत के साथ अपनी भागीदारी के लिए ज्वाइंट फिल्म प्रोडक्शन को बढ़ावा देने में रुचि व्यक्त की है। क्योंकि हमारे मीडिया उद्योग और रचनात्मक अर्थव्यवस्था का विकास और विस्तार अाज भी जारी है, यह एक अनूठा अवसर है, जिसका हमें लाभ उठाना चाहिए।'' वानी त्रिपाठी ने आगे बताया।

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