कल हो न हो की ‘कांताबेन’ सुपरकूल अंदाज में दर्शकों को कर रहीं लोट-पोट

कल हो न हो की ‘कांताबेन’ सुपरकूल अंदाज में दर्शकों को कर रहीं लोट-पोटअभिनेत्री सुलभा आर्य

फिल्म कल हो न हो की कांताबेन तो याद ही होंगी। फिल्म में छोटा किरदार होने के बावजूद अभिनेत्री सुलभा आर्य ने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ली थी। इन दिनों सुलभा रोमांटिक कॉमेडी सीरीज- खटमल-ए-इश्क में सुपर कूल ‘नानी’ की भूमिका में दिख रही हैं जिसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं। पेश है उनसे हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

अपने निर्देशकों व निर्माताओं पर यकीन रखती हूं

‘खटमल-ए-इश्क’ के प्रोड्यूसर अश्विनी धीर के साथ मेरा हमेशा से ही एक खास रिश्ता रहा है, जो शो के लेखक भी हैं। मैं उनकी कार्य शैली, सेट के माहौल से परिचित हूं और मैं इसके साथ बहुत सहज हूं। इसके अलावा एक बार जब मैं काम ले लेती हूं तब मैं दुविधा में नहीं रहती, मैं अपने निर्देशकों व निर्माताओं में विश्वास करती हूं। समय के साथ हमने इस निभायी जाने वाली भूमिका को लेकर एक पारस्परिक विश्वास को कायम कर लिया है, और हमें पूरा विश्वास है कि इसे बिना किसी झंझट के आगे बढ़ाया जा सकता है इसलिए जब इन्होंने मुझे अप्रोच किया तब मना करने का कोई सवाल ही नहीं उठता था।

सभी के दिल को छू लेने वाली कहानी है

शो के बारे में ज्यादा कुछ बताने से मना करती हैं। वह कहती हैं कि मैं इसके बारे में कुछ अधिक नहीं बताना चाहूंगी, क्योंकि मैं चाहती हूं कि दर्शक इस सीरीज को देखें। यह कहानी कपिलदेव (विशाल मलहोत्रा), कानपुर का एक सनकी ट्रैफिक पुलिस वाला और लोविना (उमंग जैन), गोवा की फिजियोथेरेपिस्ट की कहानी है, जो एक-दूसरे प्यार करते हैं। यह एक लव स्टोरी है जिससे हर एक व्यक्ति रिलेट कर सकता है, क्योंकि यह हमारे जीवन की असली सिचुएशंस पर आधारित है। यह कोई फोर्स्ड कॉमेडी नहीं है और इसमें काफी इमोशन शामिल है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह सभी के दिल को छूने वाली कहानी साबित होगी।

कैथोलिक नानी का किरदार निभा रही हूं

वहीं अपने किरदार के बारे में सुलभा बताती हैं कि मैं एक कैथोलिक नानी का किरदार निभा रही हूं, जो जिंदादिल और हमेशा खुश रहने वाली इंसान है। उसका स्वभाव बहुत केयरिंग है, विशेषकर अपनी प्रपौत्री लोविना को लेकर कर वह बहुत कोमल हैं। वह लोविना का साथ देती है और उसके जीवन साथी चुनने की पसंद को लेकर बहुत सपोर्टिव है। वह उस समय उसका समर्थन करती है, जब प्रेम संबंध को लेकर उसका विरोध होता है।

गोवा में शूटिंग पिकनिक जैसीगोवा में शूटिंग के अनुभव के सवाल पर सुलभा ने बताया कि गोवा में शूटिंग हमारे लिए पिकनिक के समान थी। समय के साथ हमने समूची यूनिट एवं प्रोडक्शन टीम के साथ शानदार रिश्ता कायम किया। काम करने का माहौल, गोवा के लोग और मौसम शूटिंग के लिए पूरी तरह से परफेक्ट है। जब भी मैं कोई काम लेती हूं तो उसमें अपना शत-प्रतिशत देती हूं और हर पल को एंजॉय करने का प्रयास करती हूं और गोवा जैसे सुंदर स्थान, यहां के बेहतरीन लोगों और भोजन के साथ यह अनुभव और अधिक खास बन गया।


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