ऑस्कर नामित फिल्म निर्देशक अमेरिका पर बरसे कहा, कोई भी देश, कोई भी लिंग, कोई भी धर्म या नस्ल सर्वश्रेष्ठ नहीं  

ऑस्कर नामित फिल्म निर्देशक अमेरिका पर बरसे कहा, कोई भी देश, कोई भी लिंग, कोई भी धर्म या नस्ल सर्वश्रेष्ठ नहीं  ऑस्कर ।

लॉस एंजिलिस (भाषा)। ऑस्कर में इस साल सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में नामित फिल्मों के निर्देशकों ने अमेरिका और अन्य देशों में मौजूद ‘कट्टरवाद एवं राष्ट्रवाद' के माहौल की निंदा की है।

‘हॉलीवुड रिपोर्टर' की खबर के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सात मुस्लिम बहुल देशों पर लगाए यात्रा प्रतिबंध को लेकर ईरानी फिल्म ‘द सेल्समैन' के निर्देशक असगर फरहदी ने कहा कि हम इसके विरोध में अकादमी पुरस्कार समारोह का बहिष्कार करेंगे।

सभी निर्देशकों के साझा बयान पर निर्देशक असगरी के साथ मार्टिन जेंदविल्ट (लैंड ऑफ माइन), हैंस होल्म (ए मैन काल्ड ओव), मरेन एडे (टोनी इरदमान) और मार्टिन बटलर और बेटली डीन (टाना) ने हस्ताक्षर किए हैं।

बयान में उन्होंने कहा ‘‘लिंग, नस्ल, धर्म और लैंगिकता के आधार पर हमें बांटकर पैदा करने वाले भय का इस्तेमाल हिंसा को जायज ठहराने के लिए किया जाता है और इससे वह चीजें भी नष्ट हो जाती हैं जो न केवल एक कलाकार के तौर पर बल्कि इंसान के तौर पर भी जरूरी हैं जैसे सांस्कृतिक विविधता, ‘विदेशी' दिखने वाली चीजों से समृद्ध बनना, और यह धारणा कि हम हर मुलाकात (लोगों से) के बाद पहले की तुलना में और बेहतर हो जाते हैं।''

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उन्होंने कहा कि यह विभाजनकारी दीवारें लोगों को उन साधारण लेकिन बुनियादी चीजों का अनुभव करने से रोकती हैं कि हम सब बहुत अलग नहीं हैं। निर्देशकों ने प्रतीकात्मक रूप से उन सीमाओं को खारिज कर दिया जो अपनी श्रेणी में मिले नामांकन को परिभाषित करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बात की परवाह किए बिना कि रविवार को सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा-फिल्म की श्रेणी में कौन पुरस्कार हासिल करता है, हम सीमाओं के लिहाज से सोचने से इंकार करते हैं। हमारा मानना है कि कोई भी देश, कोई भी लिंग, कोई भी धर्म या नस्ल सर्वश्रेष्ठ नहीं है। हम चाहते हैं कि यह पुरस्कार देशों के बीच एकता के एक प्रतीक के रूप में पहचाना जाए।''

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