मुंबई की सड़कों पर फिर से दौड़ सकेगी विक्टोरिया 

गाँव कनेक्शनगाँव कनेक्शन   20 March 2017 10:54 AM GMT

मुंबई की सड़कों पर फिर से दौड़ सकेगी विक्टोरिया मुंबई की सड़कों पर सजी-धजी चलती हैं विक्टोरिया

मुंबई (भाषा)। मुंबई में विक्टोरिया कहे जाने वाली घोड़ागाड़ी पर प्रतिबंध लगे एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके बावजूद इस काम से जुड़े लोगों का पुनर्वास अभी तक नहीं हो पाया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह उदार रुख बरतते हुए सरकार से विक्टोरिया फिर से शुरू करने की बात कही है जिससे उनके मालिकों का पुनर्वास हो सके।

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उच्च न्यायालय का कहना है कि सरकार को एक नई नीति या नियम बनाने की जरूरत है। जिसके तहत मनोरंजन के लिहाज से इन विक्टोरिया को चलाया जाए। इसके साथ ही घोडों का खास ध्यान भी रखा जाए क्योंकि पाबंदी लगने के बाद न्यायालय से राज्य सरकार को मिले निर्देशों के बावजूद विक्टोरिया मालिकों और कोचमैन का पुर्नवास अभी तक नहीं हो सका है। अगर विक्टोरिया को फिर से शुरू किया गया तो यह बेहतर होगा। ऐसा करने से न केवल मुंबई की सड़कों की शान बनी विक्टोरिया एक बार फिर से दौड़ सकेगी बल्कि इस रोजगार पर आश्रित रहने वाले परिवारों का पुनर्वास भी हो सकेगा।

बेरोज़गार विक्टोरिया मालिकों को मिल सकता है ऑटो और टैक्सी परमिट

इस संबंध में गठित कमेटी ने 221 ऐसे लोगों की पहचान की थी जो प्रतिबंध से प्रभावित हुए थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि पशुओं की क्रूरता विरोधी कानूनों का पूरा ध्यान रखते हुए महाराष्ट्र सरकार चाहे तो विक्टोरिया चलती रह सकती है। मुंबई के एनजीओ अनिमल्स ऐंड बर्डस चेरिटेबल ट्रस्ट की याचिका की सुनवाई करते हुए जज वीएम कानाडे और जज एएस गडकरी ने कहा कि सरकार और बीएमसी को इसे बंद करने की जरूरत नहीं है। अभी भी लोग इसका मजा लेना चाहते हैं। फिलहाल कोर्ट ने कहा कि विक्टोरिया मालिकों को सरकार ऑटो और टैक्सी परमिट भी दे सकती है। इस मसले पर अगली सुनवाई 2 मई को होगी। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने विक्टोरिया कारोबार में लगे परिवारों का पुनर्वास करने की नीति बना ली है और वह जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखी जाएगी।

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