फिल्म ‘माई नेम इज खान’ का अभी तक प्रासंगिक होना दुखद : शाहरुख खान

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   12 Feb 2017 5:13 PM GMT

फिल्म ‘माई नेम इज खान’ का अभी तक प्रासंगिक होना दुखद : शाहरुख खानअभिनेता शाहरुख खान।  

मुंबई (आईएएनएस)| 'माई नेम इज खान' की रिलीज के सात साल पूरे हो जाने पर सुपरस्टार शाहरुख खान का मानना है कि 9/11 के बाद अमेरिका में मुसलमानों की दुर्दशा पर आधारित फिल्म की कहानी अब भी प्रासंगिक है, जो कि दुखद है।

वर्ष 2010 की इस फिल्म में अभिनेत्री काजोल भी थीं और यह फिल्म रिजवान खान की कहानी कहती है, जो अपने बेटे की हत्या के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति से मिलने के लिए यात्रा पर निकलता है और अपने धर्म के बारे में लोगों की धारणा बदलने का प्रयास करता है।

शाहरुख ने ट्विटर पर लिखा, "यह दुखद है कि 'माई नेम इज खान' अब भी प्रासंगिक है। लेकिन करण (जौहर), रवि, काजोल, एसईएल शिबानी निरंजन दीपा जिमी और सभी कलाकारों को इस विशेष फिल्म के लिए धन्यवाद।"

अभिनेता का संदेश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद कार्यकारी आदेश की ओर इशारा करता है। उन्होंने अस्थायी रूप से सात मुस्लिम बहुल देशों के शरणार्थियों और नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।

'माई नेम इज खान' का निर्देशक करण ने शाहरुख को फिल्म में रिजवान खान की भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया। करण ने ट्विटर पर लिखा, "प्यार, संदेश, अपनी बेगुनाही का प्रसार करने के लिए रिजवान को धन्यवाद। 'माई नेम इज खान' के सात साल पूरे।"

ब्राजील के लेखक पाउलो कोएल्हो ने भी शाहरुख को बधाई दी।

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