एक लंबा सफर लम्हों में गुजर गया : धर्मेंद्र  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   23 Jun 2017 4:10 PM GMT

एक लंबा सफर लम्हों में गुजर गया : धर्मेंद्र  मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। अभिनेता धर्मेंद्र को भले ही अब बॉलीवुड का 'यमला, पगला, दीवाना' के रूप में जाना जाता है, लेकिन वर्षों तक वह रुपहले पर्दे के माचो हीरो और ही-मैन के रूप में भी देखे जाते रहे।

दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का कहना है कि उन्हें लगता है कि पांच दशकों के अपने फिल्मी सफर को उन्होंने कुछ लम्हों में ही पूरा कर लिया है और अब उन्हें आश्चर्य होता है कि यह इतनी जल्दी कैसे हो गया। धर्मेंद्र ने कहा, "एक लंबा सफर लम्हों में गुजर गया..अगर हम इसे देखे तो यह लंबा सफर रहा है और यह बस कुछ लम्हों में ही गुजर गया। मैं अब सोचता हूं कि यह इतनी जल्दी क्यों गुजर गया। मैं अपने सहयोगियों और उस दौर के माहौल को याद करता हूं। मैं बहुत सी चीजें याद करता हूं। यह एक खूबसूरत सफर रहा है।"

पंजाब के रहने वाले धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्म 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से फिल्मी दुनिया में आगाज किया था और दारा सिंह के बाद बॉलीवुड में ही-मैन के रूप में अपनी छवि बनाने में कामयाब रहे।

बालीवुड में शीघ्र पूरे कर लेंगे साठ साल

अभिनेता जल्द ही फिल्म उद्योग में 60 साल पूरा कर लेंगे। उन्होंने सभी विधाओं की फिल्मों में काम किया। उन्होंने जहां 'बंदिनी', 'सत्यकाम' में गंभीर किस्म का किरदार किया और 'राजा जानी' और 'प्रतिज्ञा' में हल्के-फुल्के किस्म का किरदार निभाया, वहीं वह 'शोले' और 'चुपके-चुपके' में लोगों को हंसाते-गुदगुदाते नजर आए। 'अनुपमा' व 'यकीन' जैसी फिल्मों में उनके बेहतरीन अभिनय कौशल दिखे। वहीं, हालिया समय में वह 'लाइफ इन ए मेट्रो', 'अपने' और 'यमला, पगला, दीवाना' में नजर आए।

अपनी विनम्रता और जड़ों से जुड़े रहने के लिए जाने जाते हैं धर्मेंद्र

धर्मेंद्र अपनी विनम्रता और जड़ों से जुड़े रहने के लिए जाने जाते हैं। अभिनेता का कहना है कि वह 'सुपरस्टार' बनने की बजाय 'बेहतरीन इंसान' बनने में यकीन करते हैं। उन्होंने अपने बेटों सनी देओल और बॉबी देओल को भी यही गुण दिए हैं और कहा कि वे यही बातें अगली पीढ़ी को सिखाते हुए इसे आगे ले जा रहे हैं।

अभिनेता का मानना है कि प्रसिद्धि और चकाचौंध ज्यादा दिनों तक नहीं कायम रहती। विनम्रता और जमीन से जुड़े रहना हमेशा आपके साथ रहता है। धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी हेमा मालिनी को साथ 'सीता और गीता', 'शोले' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों में काम किया है। शादी के बाद इस जोड़े ने 'अलीबाबा और 40 चोर', 'सम्राट' और 'रजिया सुल्तान' में काम किया।

अपने जीवन पर फिल्म बनाने के पक्ष में नहीं धर्मेंद्र

वह अपने जीवन पर फिल्म बनाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपने जीवन और सफर को दर्शाने के लिए उन्होंने उर्दू शायरी का रुख किया। धर्मेंद्र (81वर्ष) ने कहा, "मैं बहुत भावुक शख्स हूं, इसलिए यह शायरी मेरे लिए एक अच्छा जरिया है। 'जब कुछ कहा न जाए, जब कुछ सुना न जाए, तब मेरी तन्हाई मेरी खामोशी से और मेरी खामोशी मेरी तन्हाई से बातें कर लेती हैं।"

किताब लिखने का कोई फायदा नहीं

धर्मेंद्र के पोते करण देओल फिल्म 'पल-पल दिल के पास' से अपने अभिनय की पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। अभिनेता (धर्मेद्र) लोगों से मिले प्यार और प्रशंसा से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि किताब लिखने से क्या लाभ होगा? वह लोगों तक पर्याप्त रूप से अपनी पहुंच बना चुके हैं और उन्होंने उनके दिलों को जीता है।

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यह पूछे जाने पर कि बॉलीवुड का अगला 'यमला, पगला, दीवाना' कौन होगा तो उन्होंने कहा कि एक समय में सिर्फ एक धर्मेद्र ही यमला, पगला, दीवाना हो सकता है।

अभिनेता अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्म 'ड्रीम कैचर' में काम कर रहे हैं और 'यमला, पगला, दीवाना' श्रृंखला की तीसरी फिल्म में अपने दोनों बेटों सनी और बॉबी के साथ नजर आएंगे

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