माओवाद की समस्या पर आधारित फिल्म ‘कादु पोक्कुना नेराम’ 

माओवाद की समस्या पर आधारित फिल्म ‘कादु पोक्कुना नेराम’ मलयालम फीचर फिल्म ‘कादु पोक्कुना नेराम’ का दृश्य।

नई दिल्ली (आईएएनएस)| मलयालम फीचर फिल्म 'कादु पोक्कुना नेराम' यानी 'जब जंगलों में बहार आई' के निर्देशक डॉ. बिजू ने कहा कि 'कादु पोक्कुना नेराम' माओवाद की समस्या पर आधारित एक राजनीतिक फिल्म है। केरल में लोगों को माओवादी बता दिया जाता है। इस फिल्म में उसी समस्या को बेहद संवेदनशीलता से दिखाया गया है।

गोवा के पणजी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के 47वें संस्करण में मलयालम फीचर फिल्म 'कादु पोक्कुना नेराम' यानी 'जब जंगलों में बहार आई' के निर्देशक डॉ. बिजू और मराठी फिल्म 'दारावथ' यानी 'दहलीज' के निर्देशक निशांत रॉय बोंबार्डे ने गोवा में पत्रकारों से मुलाकात की।

उनकी बनाई छह फिल्मों में से 47वें आईएफएफआई में दिखाई जाने वाली यह चौथी फिल्म है। अगले साल जनवरी में यह फिल्म रिलीज होगी। उनकी योजना इसे अलग-अलग भाषाओं में रिलीज करने की भी है, ताकि कई देशों के लोग इसे देख सकें।
डॉ. बिजू फिल्म कादु पोक्कुना नेराम मलयालम फीचर के निर्देशक

'कादु पोक्कुना नेराम' एक पुलिसकर्मी की कहानी है, जो जंगल में एक संदिग्ध माओवादी महिला को गिरफ्तार करता है। लेकिन वह जंगल में ही रास्ता भटक जाता है। इसके बाद दोनों घने जंगल में फंस जाते हैं। प्रभाव, अपराध, पुरुष, महिला, शिकारी और शिकार..बदलती परिस्थितियों का दोनों कैसे सामना करते हैं, यही इस फिल्म में है।

एक किशोर बच्चे और उसकी मां पर आधारित है फिल्म 'दारावथ'

'दारावथ' के निर्देशक निशांत रॉय बोंबार्डे ने कहा, "इस फिल्म की कहानी एक किशोर बच्चे और उसकी मां पर आधारित है, जहां बेटा पितृसत्तात्मक समाज में अपनी लैंगिक विभिन्नता की पड़ताल करता है। इस फिल्म में मां और बेटा एक साथ खुद की तलाश के लिए निकलते हैं। यह बायोपिक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसी संवेदनशील समस्या को दर्शाती है, जिनसे होकर काफी लोग गुजरते हैं।"

बोंबार्डे ने एक सवाल के जवाब में कहा, "मराठी फिल्में हमेशा मानव जीवन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को छूती हैं। मानव इतिहास के इस लंबे सफर में कोई कहानी या विषय बिल्कुल अलग नहीं हो सकता, लेकिन आप उस कहानी को कैसे कहते हैं, यह उसे अलग बनाता है।"

निशांत ने इस फिल्म को खुद ही लिखा, निर्देशित किया और उसका निर्माण भी किया है। 'दारावथ' के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू निर्देशक के राष्ट्रीय सम्मान समेत कई दूसरे अवॉर्ड मिल चुके हैं।



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