मेरी कहानियों के श्रोता पांच वर्ष की आयु से लेकर बुजुर्ग दादाजी तक : नीलेश मिसरा  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   30 March 2017 11:18 AM GMT

मेरी कहानियों के श्रोता पांच वर्ष की आयु से लेकर बुजुर्ग दादाजी तक : नीलेश मिसरा  लेखक, बॉलीवुड निर्देशक, पटकथा लेखक, गीतकार और फोटोग्राफर नीलेश मिसरा।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। लेखक, बॉलीवुड निर्देशक, पटकथा लेखक, गीतकार और फोटोग्राफर नीलेश मिसरा का कहना है कि आज के युवा बहुत परिपक्व हैं। नीलेश युवाओं में कहानी वाचन की कला को बढ़ावा देने के सिलसिले में शहर में थे।

नीलेश 'सावन' पर 'किस्सों का कोना' और 'टाइम मशीन विद नीलेश' जैसे अपने शो में कहानियां सुनाते रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि आज के युवाओं में कहानियां सुनने का धैर्य है?

नीलेश मिसरा ने कहा, "मैं सोचता था कि मेरे श्रोता मेरी तरह 30-35 वर्ष या उससे अधिक के होंगे। लेकिन मैं गलत था। 13 से 24 वर्ष के युवा मेरी कहानियां सुनते हैं, जो मेरे लिए हैरान कर देने वाला है। मेरे श्रोता पांच वर्ष की आयु से लेकर बुजुर्ग दादाजी तक हैं। जब हम एक कॉलेज गए तो वहां हमें उत्साहित करने वाली प्रतिक्रिया मिली। छात्रों को कहानी में दिलचस्पी देखकर कॉलेज प्रिंसिपल को भी हैरानी हुई। युवाओं को लेकर मुझे कोई गलतफहमी नहीं है। आज के युवा अधिक परिपक्व हैं।"

'लम्हा लम्हा', 'जादू है नशा है' और 'जिंदगी' जैसे हिट गीतों के गीतकार का कहना है कि आजकल के युवा श्रोता हनी सिंह जैसे गायकों के दीवाने हो सकते हैं, लेकिन यह बात उन्हें कहानी में दिलचस्पी रखने से नहीं रोकती।

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