करियर के शिखर पर पार्श्वगायन छोड़ना चाहती थी: अनुराधा पौडवाल 

करियर के शिखर पर पार्श्वगायन छोड़ना चाहती थी: अनुराधा पौडवाल 

मुंबई (भाषा)। अपने अनूठे अंदाज से 70 और 80 के दशक में अलग पहचान बनाने वाली प्रख्यात गायिका अनुराधा पौडवाल का कहना है कि वह हमेशा से करियर के शिखर पर पहुंच कर पार्श्वगायन छोड़ना चाहती थीं। अनुराधा ने 90 के दशक में पार्श्वगायन को अलविदा कह दिया था जब बॉलीवुड में उनका करियर चरम पर था।

उल्लेखनीय है कि अनुराधा ने सबसे पहले वर्ष 1973 में अमिताभ बच्चन और जया भादुडी अभिनीत फिल्म 'अभिमान' के लिए एक श्लोक गाया था। इसके बाद उन्होंने 'कालीचरण', 'आप बीती' और बेहद सफल फिल्म 'हीरो' के लिये भी गाने गाये। अब 64 वर्ष की हो चुकीं अनुराधा ने 90 के दशक में पार्श्वगायन को विदा करने से पहले लगातार 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'साजन' फिल्मों के लोकप्रिय गीत गाए।

अनुराधा ने प्रेट्र से कहा, ''मैंने 'आशिकी' और 'दिल है कि मानता नहीं' साइन करने से पहले ही फिल्मों के लिए गाना छोड़ने का निर्णय किया था, लेकिन फिर मैंने सोचा कि मैं अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचने के बाद गाना छोड़ दूंगी।''

अपने करियर के शिखर पर पार्श्वगायन छोड़ने के निर्णय के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ''ताकि आपको हमेशा याद किया जाये।'' फिल्मों के लिए गाना छोड़ने के अनुराधा के निर्णय से बहुत लोगों को आश्चर्य हुआ था, लेकिन अनुराधा का कहना है कि किसी को इसके बारे में जानकारी नहीं थी।

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