किताब का कोना- पीड़ा और प्रेम के अनुभवों को करीब से जानने की कोशिश है अंग-संग

किताब का कोना- पीड़ा और प्रेम के अनुभवों को करीब से जानने की कोशिश है अंग-संगकवयित्री सुदर्शन प्रियदर्शिनी की किताब अंग-संग।

गाँव कनेक्शन अपने विशेष सेगमेंट ‘ किताब का कोना ’ में आपको भारत के जाने माने प्रकाशकों की नई किताबों के बारे में बताएगा। आज के भाग में पढ़िए बोधि प्रकाशन की नई किताब अंग-संग के बारे में।

किताब- अंग-संग (कविता संग्रह)

कवयित्री- सुदर्शन प्रियदर्शिनी

प्रकाशन- बोधि प्रकाशन

कीमत- 100 रुपए

किताब

हम सभी अपनी ज़िंदगी में जब किसी दुख की घड़ी से गुज़रते हैं, तो हमें एक सहारे की ज़रूरत होती है। यह कुछ भी हो सकता है, वो चाहे माँ की कही गई कोई बात हो या फिर जिगरी दोस्त का गले लगा लेना। इन बातों से हमारे अंदर हिम्मत आती है और यही चीज़ें गम को कम कर देती हैं। अपनी किताब अंग-संग में कवयित्री सुदर्शन प्रियदर्शिनी ने बड़ी ही सुंदरता से पीड़ा से प्रेम तक ले जाने वाली कविताओं का संकलन किया है। यह किताब आपको प्रेम और दर्द के बीच की हालत बेहतर तरीके से समझाने में मदद करेगी।

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किताब अंग-संग में छपी कविताओं का अंश।

कवयित्री के बारे में

लाहौर में जन्मी सुदर्शन प्रियदर्शिनी ने काफी साल तक भारत में कई काॅलेजों में पढ़ाया। इसके बाद वो साल 1982 में अमेरिका चली गईं, जहां उन्होंने दस वर्षों तक भारतीय संस्कृति पर आधारित एक पत्रिका निकाली व कई टीवी और रेडियो प्रोग्राम में भी काम किया। भारत वापस आकर उन्होंने कई किताबें लिखी हैं। सुदर्शन प्रियदर्शिनी को उनके अच्छे लेखन के लिए हिंदी परिषद टोरंटो (कनाडा) में महादेवी पुरस्कार और फेडरेशन ऑफ इंडिया व्दारा महानता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।

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