मौजूदा मोटरयान कानून पुराना, सरकार तैयार कर रही व्यापक विधेयक: गडकरी

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नई दिल्ली (भाषा)। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि ओला और उबर जैसी टैक्सी परिचालकों के विनियिमन और यातायात से जुड़े विभिन्न मुद्दों के हल के लिए सरकार एक व्यापक विधेयक तैयार कर रही है और इस संबंध में जल्दी ही एक नोट कैबिनेट में लाया जाएगा।

गडकरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यातायात संविधान की समवर्ती सूची में है और इस विधेयक के संबंध में राज्यों से भी विचार विमर्श किया गया है। उन्होंने मौजूदा मोटर वाहन कानून के प्रावधानों को पुराना करार देते हुए कहा कि इससे आज की कई चुनौतियों का हल नहीं किया जा सकता।

गडकरी ने कहा कि सरकार ने टैक्सियों, रेडियो टैक्सियों आदि संबंधित मुद्दों की जांच के लिए सड़क परिवहन सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है और उससे एक महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि समिति विचार विमर्श के बाद टैक्सी ‘एग्रीगेटर', नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए टैक्सियों को विनियिमित करने की खातिर राज्यों को दिशानिर्देशों की सिफारिश करेगी।

गडकरी ने कहा कि हर साल भारत में करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिनमें डेढ लाख लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सुधार की जरुरत है। उन्होंने प्रस्तावित विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों के परिवहन मंत्रियों के साथ विचार विमर्श करने के साथ ही अमेरिका सहित कई विकसित देशों के कानूनों पर भी गौर किया गया है।

विभिन्न सदस्यों की चिंताओं पर गडकरी ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में टैक्सियों की दो श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। पहली श्रेणी में 1200 सीसी तक की टैक्सियां होंगी जबकि दूसरी श्रेणी में मर्सिडीज जैसी महंगी गाडियों होंगी जो टैक्सी के रुप में चलती हैं।

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