अब फिर से गूंजेगी वही आवाज़

अब फिर से गूंजेगी वही आवाज़Jagjit Singh जगजीत सिंह 

एक फिल्म आ रही है, तुम बिन 2 अनुभव सिन्हा का डायरेक्शन, अंकित तिवारी का म्यूज़िक। ये फिल्म 15 साल पहले आई सुपरहिट (बहुत कम प्रमोशन के बावजूद लंबे वक्त तक चलने वाली) फिल्म तुम बिन का सीक्वल है। दूसरी फिल्मों से अलग इस फिल्म ने अपना पहला टीज़र सिर्फ सीन और डायलॉग बेस्ड नहीं रखा, बल्कि ये म्यूज़िकल टीज़र था। इस म्यूज़िकल टीज़र में उस आवाज़ की रुह क़ैद है, जिसे कई साल पहले हमने हूबहू इसी अंदाज़ में सुना था। इंतकाल के पूरे 5 साल बाद जगजीत सिंह की मख़मली आवाज़ इस टीज़र में जिस जिसने सुनी, उसके रोंगटे खड़े हो गए। और अब, ये पूरा गाना आ चुका है।

फिल्म तुम बिन 2 में पुरानी फिल्म की सुपरहिट गज़ल कोई फरियाद को रीक्रियेट करके डाला गया है। लेकिन हर चीज़ रीक्रियेट करना मुमकिन नहीं होता, यक़ीनन फिल्म के म्यूज़िक डायरेक्टर अंकित तिवारी ये जानते थे, इसलिए उन्होंने इस ग़ज़ल को गाने के लिए चुना तो मशहूर गायिका रेखा भारद्वाज को, लेकिन साथ में मरहूम ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह की कुछ लाइनें भी इसमें जोड़ दीं। हूबहू, बिना छेड़छाड़ किये। फैज़ अनवर की असल गज़ल पर बेस्ड इस गाने को गीतकार शकील आज़मी ने लिखा है

Jagjit Singh

नया गाना ‘तेरी फरियाद’ है जिसकी शुरुआत रेखा भारद्वाज की आवाज़ में होती है। “अब कोई आस न उम्मीद बची हो जैसे, तेरी फरियाद मगर मुझ में दबी हो जैसे…” रेखा आपको अपनी लोक-आवाज़ से पहले एक अलग दुनिया ले जाती हैं, और फिर वहां पहुंचकर अनजान श्रोताओं के कानों में जानी पहचानी जगजीत सिंह की आवाज़ अचानक से उतर जाती है। “जागते जागते एक उम्र कटी हो जैसे…” बस ये सात लफ्ज़ सुनने वाले को 15 साल पुराने वक्त में पहुंचा देते हैं। ये लाइन आपको दिल की किसी संकरी गली से निकलकर एक खूबसूरत याद के दरवाज़े तक छोड़ आती है, जब पहली बार ‘कोई फरियाद’ सुना गया था। इस गाने में जगजीत सिंह की आवाज़ में सिर्फ दो लाइन ही हैं, लेकिन यकीन मानिये यही दो लाइन इस पूरे गाने की जान है। इसी में पूरे गाने की रुह बसी है। ये गाना सुनने के बाद एक बेचैन सा सुकून आ जाता है। बेचैनी इस बात की कि जगजीत सिंह अब हमारे बीच नहीं है, और सुकून इस बात का कि आवाज़ें मरा नहीं करतीं।

फिल्म के प्रॉड्यूसर भूषण कुमार ने इस गाने में जगजीत सिंह की महज़ दो लाइनों को जोड़कर ये साबित कर दिया है कि वाकई वो यूथ को पुराने वक्त के म्यूज़िक से जोड़ने का नया पुल तैयार कर रहे हैं, वो भी क्रिएटिव तरीकों के साथ। इसकी बानगी हाल ही में नए कलेवर में आए कुछ भक्ति-गीत है, जो एक ज़माने में टी-सीरीज़ की जान हुआ करते थे। रेखा भारद्वाज और जगजीत सिंह के इस ‘तेरी फरियाद’ गाने को दो दिन में ही लाखों लोगों ने यूट्यूब पर सुन लिया है। ख़ैर, चलते-चलते पुराना वाला ‘कोई फरियाद’ भी सुन लेते हैं।

इसे लिखा है शबनम ख़ान ने, जो ख़ुद भी पत्रकार और लेखिका हैं। ग़ज़लों की शौक़ीन शबनम मौजूदा वक्त में इंडिया.कॉम में कार्यरत हैं। उनसे khanshab.369@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

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