जब तक ये क़िरदार है, ओम पुरी नहीं 'मरेंगे'

जब तक ये क़िरदार है, ओम पुरी नहीं मरेंगेओम पुरी और नसीरुद्दीन शाह। 

अपने अंदाज़ और आवाज़ से हिंदी सिनेमा पर दशकों तक राज करन वाले ओम उन कलाकारों में थे जिन्होंने कॉमर्शियल और समानांतर सिनेमा, दोनों में नई ऊचाइयों को छुआ। आज हम याद कर रहे हैं पैरलल सिनेमा में उनके कुछ ऐसे किरदार जिन्हें सिनेमा के कद्रदान कभी भूल नहीं पाएंगे

1. जाने भी दो यारों

साल 1983 में आई जाने भी दो यारों अबतक कि सबसे बेहतरीन कॉमेडी फिल्म मानी जाती है। नसीरुद्दीन शाह, रवि वासवानी, ओम पुरी, सतीश शाह, सतीश कौशिक और पंकज कपूर की अदाकारी सी सजी इस फिल्म में ओम पुरी 'अहूजा' नाम के बिल्डर की भूमिका में है। ओम पुरी का ये किरदार लोगों को इतना पसंद आया कि इसे तरह के मिलते जुल्ते कई किरदार बाद में अलग-अलग फिल्मों में गढ़े गए।

2. अर्ध सत्य

ओम पुरी ने यूं तो समानांतर सिनेमा में एक से बढ़कर एक रोल किये लेकिन साल 1983 में गोविंद निहलानी की फ़िल्म अर्ध सत्य में पुलिस इंसपेक्टर का रोल हमेशा याद किया जाएगा। इस किरदार के लिए उन्हें इंटरनैशनल अवार्ड भी मिला था। माना जाता है कि असल ज़िंदगी में भी वो कुछ उस किरदार जैसे ही थे जो सिस्टम की खराबियों से नाराज़ रहता है और उन्हें बदलने की कोशिश भी करता है।

3. आरोहन

साल 1977 में आई फ़िल्म आरोहन ओम पुरी मुख्य क़िरदार में थे।इस फ़िल्म में उनके साथ विक्टर बैनर्जी, नोनी गांगुली, राजन तरफदार और गीता सेन भी थी। इस फिल्म में साल 1960 से 1970 के बीच बंगाल के सामाजिक-आर्थिक बदलावों को बेहद करीब से दिखाने की कोशिश की गई थी


4. मिर्च मसाला

साल 1985 में रिलीज़ हुई मिर्च मसाला के लिए निर्देशक केतन मेहता को 15वें मास्को अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्मोत्सव में स्वर्ण पुरस्कार औऱ मिला था। इस फिल्म में ओम पुरी ने 'अबु मियां' का किरदार निभाया था जो करि मिल का चौकीदार था। इस फ़िल्म को आज भी निर्देशन और अदाकारी के लिहाज़ से बेहतरीन माना जाता है।


5. आक्रोश

नसीरुद्दीन शाह, स्मिता पाटिल और ओम पुरी की तिकड़ी उस जमाने में ऐक्टिंग के लिहाज से शानदार मानी जाने वाली फिल्मों की गारंटी हुआ करती थी। एक बार फिर 1980 में आयी फिल्म आक्रोश में ओम पुरी ने शानदार ऐक्टिंग की। फिल्म को बेस्ट फिल्म का नैशनल अवॉर्ड तो मिला ही था ओम पुरी को भी इस फिल्म के लिए बेस्ट सपॉर्टिंग ऐक्टर के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था

6. तमस

भीष्म साहनी के नॉवल पर बनी गोविंद निहलानी की फिल्म तमस में ओम पुरी का किरदार नाथू आज भी कहीं ना कहीं लोगों के जेहन में होगा। किस तरह नाथू अपनी गर्भवती पत्नी और बूढ़ी मां को बचाने की हर संभव कोशिश करता है

7. माचिस

गुलजार के लेखन और निर्देशन में बनी इस फिल्म में एक बार फिर ओम पुरी ने बेहद इंटेंस रोल किया था। फिल्म में उनके किरदार का नाम सनातन था जो खालिस्तान की मांग कर रहे आतंकी संगठन का सरगना था।

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