जब कोर्ट में दिलीप कुमार ने कहा था - इस औरत से मुझे इश्क़ है और मरते दम तक रहेगा...

Anusha MishraAnusha Mishra   11 Dec 2017 2:57 PM GMT

जब कोर्ट में दिलीप कुमार ने कहा था - इस औरत से मुझे इश्क़ है और मरते दम तक रहेगा...दिलीप कुमार

एक तमन्ना है... यूसुफ साहब को देखूं... ये बात 105 डिग्री बुख़ार से तड़प रही मधुबाला ने अपने मरने से पहले अपनी बहन कनीज़प्पा से कही थी। आज दिलीप कुमार यानि यूसुफ ख़ान का जन्मदिन है। यूं तो दिलीप कुमार पर कहने को, सुनने को बहुत कुछ है लेकिन मधुबाला के साथ उनके इश्क़ की अधूरी दास्तान के बिना लगभग हर चर्चा अधूरी है। बात दिलीप साहब की हो और मधुबाला का ज़िक्र न हो ऐसा मुमकिन नहीं।

हालांकि दिलीप कुमार और मधुबाला कभी साथ नहीं आ सके लेकिन उनकी मोहब्बत में कुछ ख़ास था। मधुबाला ने भले ही उस ज़माने के मशहूर गायक किशोर कुमार से शादी कर ली हो लेकिन दिलीप कुमार के लिए उनके दिल में जो मोहब्बत थी वो कभी ख़त्म नहीं हुई।

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दिलीप कुमार और मधुबाला के इश्क़ से जुड़ा एक क़िस्सा मशहूर है। फिल्म निर्माता बीआर चोपड़ा ने मधुबाला पर एक केस दर्ज़ कराया था। उनका आरोप था कि मधुबाला ने उनकी फिल्म 'नया दौर' को बीच में छोड़ दिया है और उसके लिए जो क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित थी वो भी मधुबाला वापस नहीं कर रही हैं।

लेखक मोहनदीप ने अपनी क़िताब मधुबाला में लिखा है कि मजिस्ट्रेट आरएस पारेख मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान गवाही के लिए दिलीप कुमार को भी बुलाया गया। जज ने जब दिलीप कुमार से पूछा कि आपका मधुबाला के साथ क्या रिश्ता है तो उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कोर्ट में जवाब दिया - मैं इस औरत से मोहब्बत करता हूं और जब तक जिऊंगा करता रहूंगा।

बनी रुबेन अपनी किताब में लिखते हैं कि जब दिलीप कुमार सार्वजनिक रूप से अपने प्यार को क़बूल कर रहे थे उस वक्त मधुबाला दुनिया से अपने आंसुओं को छुपाने की कोशिश कर रही थीं। कोर्ट में हुआ ये वाकया उस वक्त हर अख़बार की सुर्खियां बना और बीआर चोपड़ा ने इंसानियत दिखाते हुए अपना केस वापस ले लिया।

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दिलीप कुमार और मधुबाला सात साल तक रिश्ते में रहे और इस दौरान उन्होंने चार फिल्मों को एक साथ किया, जिसमें कभी भुलाई न जा सकने वाली फिल्म मुग़ल-ए-आज़म भी शामिल है।

और फिल्म के साथ ख़त्म हो गया रिश्ता भी

कहते हैं कि मधुबाला के पिता अताउल्ला ख़ां नहीं चाहते थे कि दिलीप कुमार और मधुबाला एक हों। मधुबाला अपने पिता के ख़िलाफ नहीं जा पाईं और उन्होंने दिलीप कुमार से शादी नहीं की। इस बात को लेकर कहीं न कहीं दिलीप कुमार काफी दुखी थे।

मुग़ले - ए - आज़म फिल्म के दौरान दोनों ने एक - दूसरे से कोई बात नहीं की। वे सिर्फ उन्हीं डायलॉग को बोलते थे जो उन्हें लिखकर दिए जाते थे। कहते हैं कि शहज़ादे सलीम का रोल निभा रहे दिलीप कुमार को एक सीन में अनारकली का किरदार अदा कर रहीं मधुबाला को थप्पड़ मारना था। उस सीन के दौरान दिलीप कुमार के मन में जो ग़ुस्सा था वो उस पर काबू नहीं कर पाए और मधुबाला के सच में एक ज़ोर का थप्पड़ मार दिया। वो थप्पड़ इतनी तेज़ था कि मधुबाला की आंखों में आंसू आ गए। इस सीन को फिल्म में इसी तरह से लिया गया और सिनेमा जगता का मोस्ट आइकॉनिक सीन माना गया। इसके बाद एक ऐसा समय आया जब इस फिल्म की शूटिंग ख़त्म हो गई और इसी के साथ ख़त्म हो गया मधुबाला और दिलीप कुमार का साथ।

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आज है 95वां जन्मदिन

आज दिलीप साहब ने अपनी ज़िंदगी के 95 सालों का सफ़र पूरा कर लिया है। इस सफ़र में उनकी पत्नी सायरा बानो ने हर कदम पर उनका साथ दिया। दिलीप और सायरा की शादी 11 अक्टूबर 1966 को हुई थी और उनके बीच 1980 तक सब कुछ सही चल रहा था लेकिन 1980 में दिलीप कुमार ने आसमा रहमान नाम की महिला से दूसरी शादी की थी। इस शादी से दिलीप और सायरा के रिश्ते में दूरियां आ गईं। आसमां और दिलीप कुमार की मुलाकात हैदराबाद में एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों का अफेयर लंबे समय तक चला था। लोगों के सवाल से बचने के लिए दिलीप कुमार ने घर से निकलना तक छोड़ दिया था। कहा गया कि आसमां दिलीप साहब को धोखा दे रही थीं। इस वजह से उन्होंने आसमां को तलाक दिया और वापस सायरा की ओर लौट आए। आसमां रहमान के साथ अपने अफेयर का जि़क्र दिलीप कुमार ने बायोग्राफी 'द सबस्टांस एंड द शैडो' में किया है।

दिलीप कुमार लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उनकी इस हालत में सायरा ने एक भी पल के लिए उनका हाथ नहीं छोड़ा। आज भी सायरा बानो ने ट्वीट करके दिलीप साहब के फैंस को एक संदेश दिया है। उन्होंने ट्वीट किया - दिलीप साब के जन्मदिन पर उनके भाई, बहन, रिश्तेदार और कुछ करीबी दोस्त मुलाकात करते हैं, और जश्न मनाते हैं। मेरा संदेश दिलीप साब के लिए दुआ करने वाले उनके हर फैन्स तक पहुंचेंगे। मेरी ओर से उनका आभार।

मुझ से बार-बार पूछा जा रहा है कि हम क्या तैयारी कर रहे हैं। जो नहीं जानते हर साल आज के दिन हम क्या करते हैं तो मैं उन्हें बता देना चाहती हूं कि ये वह दिन है जब हमारा घर फूलों से परीलोक में बदल जाता है।

हर साल दिलीप साब के जन्मदिन पर हमारी घर सारा दिन दोस्तों और परिजनों के लिए खुला रहता है, ताकि वे दिलीप साब के साथ अच्छा समय गुज‍़ार सकें। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा क्योंकि इन्फेक्शन के कारण डॉक्टरों ने दिलीप साब को आराम करने की सलाह दी है।

अपने आख़िरी ट्वीट में सायरा लिखती हैं - अगर आप ने दिलीप साब की आत्मकथा पढ़ी है तो आप उनके इन शब्दों से वाकिफ होंगेः जब मेरे हाथ को किसी अजबनी हाथ की पकड़ महसूस होती है और जब वह ऐसे शख्स की हो, जो मेरे काम को बेहद पसंद करता है तो किसी भी पुरस्कार से बहुंत बड़ी होती है। ईश्वर आर्शीवाद आप सब पर बना रहे।

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