“सेक्युलरिज़्म किताबों में नहीं पढ़ा जाता, जिया जाता है”

“सेक्युलरिज़्म किताबों में नहीं पढ़ा जाता, जिया जाता है”मंजरी चतुर्वेदी, कथक नृत्यांगना

मशहूर कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी ने लखनऊ में एक शो के दौरान गांव कनेक्शन से खास बातचीत करते हुए कहा कि कथक हिंदुस्तान की वो विरासत है जिसपर किसी मज़हब, ज़ात या पहचान का कोई ठप्पा नहीं है, ये शुद्द हिंदुस्तानी विधा है। लखनऊ को कथक का गलियारा बताते हुए उन्होंने कहा कि माहौल अब बदल गया है, अब सेक्युलरिज़्म किताबों में पढ़ाया जाता है जबकि हकीकत तो ये है कि इसे जिया जाना चाहिए। गाँव कनेक्शन संवाददाता बसंत ने की मंजरी चतुर्वेदी से खास बातचीत


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