हिंदी श्रेणी में ‘पारिजात’ के लिए नासिरा शर्मा को मिला साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2016

हिंदी श्रेणी में ‘पारिजात’ के लिए नासिरा शर्मा को मिला साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2016नासिरा शर्मा 

साहित्य अकादेमी ने आज 24 भाषाओं में अपने सालाना साहित्य अकादेमी पुरस्कार की घोषणा कर दी है। आठ कविता-संग्रह, सात कहानी-संग्रह, पांच उपन्यास, दो समालोचना, एक निबंध संग्रह और एक नाटक के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार घोषित किए गए हैं। सम्मानित किए गए उपन्यासकारों में जेरी पिंटो (अंग्रेज़ी), नासिरा शर्मा (हिंदी), बोलवार महमद (कन्नड़), एडविन जे. एफ. डिसोज़ा (कोंकणी) और गीता उपाध्याय (नेपाली) का नाम शामिल है। इसके अलावा उर्दू में समालोचना श्रेणी में निज़ाम सिद्दीक़ी और कश्मीरी में अज़ीज़ हाजिनी को भी पुरस्कृत किया गया।

इन किताबों को तीन सदस्यों के एक निर्णायक मंडल ने तय की गई प्रक्रिया के मुताबिक चुना है। फैसला मंडली के बहुमत के आधार पर लिया गया। ये पुरस्कार 1 जनवरी 2010 से 22 दिसंबर 2014 के दौरान पहली बार प्रकाशित किताबों पर दिये गए हैं। घोषित पुरस्कार 22 फरवरी 2017 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में दिये जाएंगे।

कौन हैं नासिरा शर्मा ?

नासिरा शर्मा

हिन्दी में अपने उपन्यास ‘पारिजात’ के लिए 2016 के साहित्य अकादेमी पुस्कार जीतने वाली नासिरा शर्मा हिंदी की मशहूर कहानीकार और लेखिका हैं। 1948 में इलाहाबाद में जन्मी नासिरा शर्मा को साहित्य विरासत में मिला। नासिरा शर्मा ने फारसी भाषा और साहित्य में M.A. किया, उर्दू, अंग्रेज़ी और पश्तो भाषाओं पर उनकी गहरी पकड़ है, लेकिन उनके रचना संसार में दबदबा हिंदी का ही है। ईरानी समाज और राजनीति के साथ-साथ उन्हें साहित्य, कला और सांस्कृतिक विषयों का भी विशेषज्ञ माना जाता है। 'दहलीज' और 'पत्थर गली' उनके मशहूर नाटक हैं। इसके अलावा 'ख़ुदा की वापसी' और 'इंसानी नस्ल' नाम के कहानी संग्रह भी काफी मशहूर हुए। इससे पहले उन्हे उपन्यास 'कुइयांजान' के लिए यूके कथा सम्मान से नवाजा गया था। ‘सात नदियां एक समंदर', 'जीरो रोड’ और 'जिंदा मुहावरे' भी उनके काफी पसंद किये जाने वाले उपन्यास हैं।

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