महिलाओं को तुरंत न्याय दिलाने के लिए शुरू की जाएंगी जांच इकाईयां

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हैदराबाद (भाषा)। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले की त्वरित जांच और पीड़ितों के साथ न्याय हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही तेलंगाना के सभी जिला मुख्यालयों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए जांच इकाई (आईयूसीएडब्ल्यू) की शुरुआत की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना पुलिस राज्य सरकार को पहले ही इस बाबत प्रस्ताव भेज चुकी है और जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आईयूसीएडब्ल्यू स्थापित करने का निर्देश दिया था।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के खिलाफ बलात्कार, दहेज से होने वाली हत्याओं, तेजाब हमले और मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध की जांच में प्रस्तावित आईयूसीएडब्ल्यू स्थानीय पुलिस की मदद करेगा।

कैसे काम करती है आईयूसीएडब्ल्यू इकाई 

प्रत्येक आईयूसीएडब्ल्यू का शीर्ष अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक के दर्जे का अधिकारी होगा और इसमें दो पुलिस उपाधीक्षक सहायता करेंगे। इन 150 आईयूसीएडब्ल्यू के लिए आवश्यक कुल 2250 कर्मिकों में से 750 महिलाएं होंगी। इसके लिए प्रति वर्ष 84 करोड़ रूपये का कुल व्यय होगा, जिसमें से केंद्र की ओर से 42 करोड़ रूपए दिए जाएंगे। आईयूसीएडब्ल्यू इकाईयों का उद्देश्य उनके पास भेजे गए मामले की जांच करना, महिलाओं के विरूद्ध जघन्य अपराधों, विशेषकर बलात्कार, दहेज हत्या, तेजाब हमला और मानव तस्करी जैसे मामले में राज्यों की जांच प्रणाली कायम करना, महिलाओं में आत्मविश्वास कायम करना तथा राज्य पुलिस बलों में महिलाओं के अनुपात में सुधार लाने जैसे कार्य किए जाएंगे। 

सभी राज्यों में खोली जाएंगी आईयूसीएडब्ल्यू इकाइयां  

गृह मंत्रालय ने प्रत्येक राज्य के 20 प्रतिशत जिलों में राज्यों के साथ समान लागत की साझेदारी के आधार पर महिलाओं के विरूद्ध अपराधों पर जांच इकाइयां (आईयूसीएडब्ल्यू) स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। 

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है कि महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध के मुद्दे से निपटने के लिए जांच, मुकदमा और न्यायालय की प्रक्रिया नामक अपराध न्याय प्रणाली के विभिन्न घटकों को मजबूत करने की आवश्यकता है। गृह मंत्रालय ने प्रत्येक राज्य के सर्वाधिक अपराध संभावित जिले में ऐसी 150 आईयूसीएडब्ल्यू इकाईयां स्थापित करने का प्रस्ताव किया है।

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