मंडी परिषद में लगी आग, करोड़ों का हुआ नुकसान

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लखनऊ। गोमतीनगर के मंडी परिषद भवन के दो तलों में रविवार रात भीषण आग लग गई। आग में करोड़ों रुपए की सम्पत्ति और अहम दस्तावेज जलकर राख हो गए। आग के सातवें तल पर बने मंडी निदेशक के कक्ष में भी क्षति पहुंची। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की आठ गाडि़यों और भवन में लगे आग से बचाव के उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका।

परिसर में दोपहर तक धुआं भरा रहा।मंडी परिषद के पांचवें तल पर लेखा, विपणन और रिवीजन शाखा में बीती रात आग लग गई। धुआं उठता देख रात ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने दमकल विभाग को सूचना देने के भवन में लगे अग्निशमन निरोधक यंत्रों से आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तल में बने लकड़ी के कक्ष और दस्तावेजों से आग चारों तरफ फैलने लगी। तल से उठ रही आग की लपटों ने छठी मंजिल को भी अपनी चपेट में लिया। इस मंजिल पर बने मुख्य अभियंता और सहायक अभियंता के कक्ष को भी आग ने अपने आगोश में ले लिया। आग से पांचवें तल पर रखे लेखा विभाग में परिषद के बजट, विभिन्न निर्माण योजनाओं, विपणन, अफसरों और कर्मचारियों और रिवीजनल के दस्तावेज, मुख्य अभियंता के कक्ष में विभिन्न  योजनाओं, मंडी निर्माण के प्रस्तावित कार्य और प्रस्तावित हो चुके निर्माण कार्य के दस्तावेज जल कर राख हो गए। इस आग से मंडी निदेशक के कक्ष में भी आग से क्षति पहुंची, लेकिन वक्त रहते काबू में आई आग से बड़ा नुकसान होने से बच गया। 

एपीसी ने किया निरीक्षण 

आग लगने की सूचना मिलने पर एपीसी कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने सुबह मंडी परिषद भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी निदेशक डॉ. अनूप कुमार यादव के साथ दोनों तलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निदेशक के कक्ष में भी हुए नुकसान का जायजा लिया।

जांच कमेटी बनी 

भवन में लगी आग की जांच के लिए एपीसी प्रवीर कुमार ने कमेटी गठित की है। उन्होंने विशेष सचिव कृषि विपणन एवं कृषि व्यापार मार्कंडेय शाही की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेठी का गठन किया है। कमेटी में अपर निदेशक प्रशासन मंडी रामविलास यादव और सीएफओ एबी पांडेय शामिल हैं। कमेटी आग के लगने का कारण, नुकसान का अांकलन आदि की जांच करेगी। एपीसी ने बताया कि कमेटी एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देगी। वहीं निदेशक मंडी डॉ़ अनूप यादव ने अपने मंडी निदेशक प्रशासन रामविलास यादव की अगुवाई में 15 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।

कर्मियों ने उठाया सवाल

उच्च सुरक्षायुक्त बने इस भवन में आग लगने पर कर्मचारियों सवाल उठाए है। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री अवधेष कुमार ने कहा कि पूरा भवन आग से बचाव के उपकरणों से लैस है। भवन में फायर एक्जीक्यूटर और स्मोक उपकरण भी लगा है। हल्का भी धुआं निकलने पर अलार्म बज जाना चाहिए, इसके साथ ही स्वत: आग बुझाने के लगे उपकरणों से पानी गिरने लगता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाते हुए बताया, भवन में फायर उपकरणों का मेनटेनेंस मद में मोटी रकम खर्च होती है, अगर इस मद में धनराशि खर्च हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए।

अफसर बोले-कंप्यूटर में भी दर्ज हैं दस्तावेज

मंडी परिषद के अफसरों ने दावा किया कि लेखा, विपणन और निर्माण इकाई के दस्तावेज दूसरे स्थानों पर भी सुरक्षित है। उपनिदेशक (प्रशासन/विपणन) हिमांशु शेखर त्रिपाठी ने बताया, विभागीय दस्तावेज कम्प्यूटर में भी दर्ज है। इसके अलावा संभाग के कार्यालयों में भी सभी दस्तावेज की प्रति मौजूद है। 

डीजीपी कार्यालय में भी लगी आग 

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक कार्यालय में सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे आग लग गई। कार्यालय के सेक्शन चार में अचानक धुआं उठने लगा। सूचना पर पहुंच दमकल की एक गाड़ी ने आग बुझाई। सीएफओ एबी शुक्ला ने बताया आग लगने से कोई हताहत नहीं हुआ। 

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