मरने के बाद नवीन ने बचाई चार लोगों की जान

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जयपुर (भाषा)। जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के चिकित्सकों द्वारा पोलीट्रॉमा की गहन इकाई में भर्ती 22 साल के एक मरीज के ब्रेनडेड घोषित होने के बाद परिजन की सहमति से उसके दो गुर्दे, जिगर और दिल अन्य मरीजों में प्रतिरोपित किया गया।

सवाईमानसिंह चिकित्सालय के अंग प्रतिरोपण विभाग के संयोजक डा. विनय तोमर ने बताया कि शनिवार को सड़क हादसे में घायल नवीन कुमार मीणा को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे ‘ब्रेन डेड' घोषित कर दिया।

तोमर ने बताया कि चिकित्सकों और अंग प्रतिरोपण पर जनजागरण बढ़ाने वाले एक स्वंयसेवी संगठन ‘मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटिजन फोरम' ने ब्रेन डेड घोषित मीणा के परिजन से बातचीत की जिसपर उसके परिजन उसके अंग दान करने के लिए तैयार हो गये।

उन्होंने बताया कि परिजन की सहमति के बाद मीणा के चार अंग - दो गुर्दे, जिगर, दिल निकाल कर उनका प्रतिरोपण इस बीमारी से जुझ रहे रोगियों में किया गया। तोमर के अनुसार सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती गुर्दे के रोगियों को गुर्दे, जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती जिगर के एक रोगी को जिगर का प्रतिरोपण किया गया जबकि दिल दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस अस्पताल हवाई मार्ग से भेजा गया है जहां भर्ती एक रोगी को प्रतिरोपित किया जायेगा।

मीणा के पिता शंकरलाल मीणा ने कहा कि बच्चे का अंगों का दान करके वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उसके अंगों से चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘बेटा मेरा मरा नहीं, अमर हो गया।'' राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड ने ब्रेन डेड से संबंधित मामलों में सभी आवश्यक जांच और दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

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