बेटी पैदा हुई तो पति ने तेजाब से किया हमला

बेटी पैदा हुई तो पति ने तेजाब से किया हमलाअपनी आपबीती सुनाती एसिड अटैक पीड़िता रेशमा 

लखनऊ। हर साल हजारों-करोड़ों रुपए के सरकारी विज्ञापन बेटियों के नाम के चर्चे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' मुहिम चारों तरफ होते बेटियों के चर्चा के बीच छुपा एक कड़वा सच बेटी पैदा करना अभिशाप और गुनाह है और उसकी सज़ा एसिड अटैक। पांच बेटियां पैदा करने की वजह से रेशमा के पति ने उसके ऊपर तेजाब डाल दिया।

कुछ साल पहले रेशमा के ज़हन में शादी को लेकर अरमान थे कि उसका राजकुमार आएगा और उसे ढेर सारी खुशियां देगा। आखिरकार वह पल आया जब लखनऊ के बैलाजपुरे मोहल्ले में कानपुर की रेशमा की शादी मोहम्मद नसीम से हुई।

शुरू से ही रेशमा को छोटी-छोटी गलतियों पर ताने सुनने को मिल जाते लेकिन वह हंस के टाल देती फिर रेशमा प्रेग्नेंट हो गई। रेशमा को लगा की बच्चा आने से अब उसे ससुराल वालों से शायद सम्मान मिले लेकिन रेशमा शायद गलत थी, क्योंकि बेटी को जन्म देने के बाद ससुराल में उसकी इज्जत और कम हो गई और पांच लड़कियों को जन्म देने के इनाम में उसके शौहर ने उसके ऊपर तेजाब डाल दिया और उसकी खूबसूरत सी दुनिया को बेरंग कर दिया।

यह कहानी थी कानपुर की रेशमा की जिसे रेशमा शनिवार को शीरोज़ कैफे में आयोजित न्यू इवेन इंनिग्स स्माइल फॉर लाइफ इवेंट में सुनाते हुए फफक पड़ी। इस इवेंट में एसिड पीड़ितों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने बीते दिनों को याद करके रो पड़ीं।

शीरोज़ और प्रगतिशील पीआर एण्ड कम्यूनिकेशन ने शनिवार को वृद्ध दिवस पर न्यू इवेन इंनिग्स स्माइल फॉर लाइफ इवेंट का आयोजन किया जिसमें शहर के कई वृद्ध जोड़ों ने भाग लिया और अपनी वृद्धावस्था की व्यवस्थाओं को साझा किया। वृद्धजनों के लिए काम कर रही सेवा संकल्प की प्रबंधक निदेशक ने बताया कि वह वृद्धों के लिए कई वर्षों से काम कर रही हैं उसमें उन्हें खुशी मिलती है।

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