आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए अच्छी खबर... सरकार ने दिया ये खास गिफ्ट

Ajay MishraAjay Mishra   6 Dec 2018 9:35 AM GMT

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए अच्छी खबर... सरकार ने दिया ये खास गिफ्ट

कन्नौज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां स्मार्ट फोन से लैस होंगी। चित्रकूट, चंदौली, फतेहपुर, बाराबंकी और पीलीभीत के बाद कन्नौज में भी कार्यकत्रियों के लिए यह मोबाइल भेज दिए गए हैं। जल्द ही इनको प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक की ओर से पत्र जारी करने वाले निदेशक वित्त सुधांशु त्रिपाठी ने कहा है, ''पोषण अभियान के तहत आईसीडीसी सीएएस का रोल आउट किया जा रहा है। पहले चरण में कौशांबी, कन्नौज, एटा, कासगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, फैजाबाद, बहराइच, गोण्डा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, सोनभद्र व भदोही जिलों में स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। चित्रकूट, चंदौली, फतेहपुर, बराबंकी और पीलीभीत में कार्यकत्रियों के लिए स्मार्ट फोन भेजे जा चुके हैं।''

कन्नौज के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य बताते हैं, ''जिले में 1615 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए स्मार्ट फोन की डिमांड की गई थी, जो आ चुके हैं। पहले मास्टर टेªनर्स को तैयार किया जाएगा। बाद में वही दूसरी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मोबाइल चलाने और रिपोर्ट भेजने का प्रशिक्षण देंगे।''


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आगे बताते हैं कि ''40-40 कार्यकत्रियों को मोबाइल के बारे में बताया जाएगा। इसमें सीडीपीओ, सुपरवाइजर, ब्लाॅक कोआर्डिनेटर्स, डवलपमेंट पार्टनर्स के प्रतिनिधियों (यूनिसेफ, टाटा ट्रस्ट, एनआई, पीरामल, टीएसयू डीएनएस एवं पोषण सखी को सपोर्टिंग सुपरविजन एवं माॅनीटरिंग के लिए) प्रशिक्षण दिया जाना है।''

ये है फोन की खासियत

मोबाइल फोन कारबोन कंपनी का है। इसमें फोर जी इंटरनेट सेवा के लिए वोडाफोन का सिम है। डब्बे में सेंटर का नाम, कार्यकत्री का नाम, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी का रिसीव कागज निकलेगा। फोन प्राप्त करने के दौरान उस पर संबंधित कार्यकत्री को हस्ताक्षर भी करने होंगे।

प्रशिक्षण में इस पर देना होगा ध्यान

मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षण देने के लिए स्नातक या परास्नातक पास आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का चयन करना होगा। बाद में यही महिलाएं 40-40 कार्यकत्रियों को प्रोजेक्टर, लैपटॉप व 10 एक्सटेंशन बोर्ड के साथ प्रशिक्षण देंगी। डीपीओ मनोज कुमार मौर्य का कहना है कि प्रशिक्षण के लिए तैयारी जोर-शोर से चल रही है। उसी दौरान स्मार्ट फोन भी कार्यकत्रियों को दे दिए जाएंगे।

सिर्फ विभागीय काम कर सकेंगी

आंगनवाड़ी कार्यकत्री स्मार्ट फोन से सिर्फ विभागीय काम कर सकेंगी। अगर फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कार्यकत्री की होगी। उसे बहुत ही संभाल कर रखना होगा। फोन चालू करने के दौरान उसमें आईसीडीएस सीएएस लिखकर आएगा। नीचे आंगनवाड़ी कार्यकत्री को यूजरनेम टाइप कर पासवर्ड लिखना होगा। उसके बाद ही फोन काम करेगा। अगर यूजरनेम और पासवर्ड भूल जाती हैं तो कार्यकत्रियों को हेल्प डेस्क पर संपर्क करना होगा।


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ये होंगे फायदे

जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य बताते हैं कि स्मार्ट फोन मिल जाने के बाद कार्यकत्रियों को रजिस्टर रखने से मुक्ति मिल जाएगी। हर दिन रिपोर्ट भेजने से आगे का झंझट नहीं रहेगा। डाटा सही व समय पर मिलेगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जो ऑनलाइन दिखेगी। फोन चलाने के लिए एक-एक बुकलेट भी दी जाएगी, जिसमें विस्तृत जानकारी दी गई हैं।

कार्यकत्रियों को इन विषयों पर देनी होगी रिपोर्ट

परिवार प्रबंधन, दैनिक आहार, गृहभेंट अनुसूचक, ड्यूलिस्ट, आंगनवाड़ी केंद्र प्रबंधन, एमपीआर सूची आदि पर रिपोर्ट देनी होगी। इसमें टीकाकरण, नए सदस्य, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, निशक्तता की स्थिति, धर्म, जाति, गरीबी का स्तर, केंद्र से आहार वितरण की निगरानी, बच्चे की वृद्धि की निगरानी, वजन, गर्भवती महिला, गर्भधात्री, तीन से छह साल के बच्चों की दैनिक उपस्थिति, परिवार, महिला व बच्चों की सूचनाएं दी जाएंगी।



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