देश में सिजेरियन बच्चों के जन्म के मामले बढ़े

देश में सिजेरियन बच्चों के जन्म के मामले बढ़ेफोटो साभार: गूगल

नई दिल्ली (भाषा)। देश में सिजेरियन से बच्चों के जन्म के मामले बढ़ने की बात मानते हुए सरकार ने आज बताया कि सीजीएचएस के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में प्रसव के 55 प्रतिशत से अधिक मामले सिजेरियन :सी-सेक्शन: के होते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने डॉ जे जयवर्द्धन और हिना गावित के पूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि देश में सी-सेक्शन से बच्चों को जन्म देने के मामले बढ़ रहे हैं और निजी अस्पतालों में ऐसे अधिकतर मामले होते हैं।

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उन्होंने बताया कि केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार प्रसव के 31,296 मामलों में 17,450 मामले सी-सेक्शन या सिजेरियन डिलीवरी के थे। यानी इन मामलों की संख्या 55.75 प्रतिशत है।

नड्डा ने बताया कि महिला और बाल विकास मंत्रालय से मिली एक जानकारी के अनुसार चेंज.ओआरजी वेबसाइट पर एक लाख से अधिक लोगों ने सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में सी-सेक्शन सर्जरी के बढ़ते मामलों के संबंध में एक याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।

उन्होंने कहा कि सीजीएचएस ने अपने पैनल में शामिल सभी अस्पतालों से कहा है कि वे अपने रिसेप्शन के पास इस संबंध में स्वेच्छा से जानकारी को प्रमुखता से प्रदर्शित करें।

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सी-सेक्शन के मामले बढ़ने की बात मानते हुए नड्डा ने कहा कि ऐसे मामलों में बढ़ोतरी के कारणों में स्वयं माता का इस तरीके को तरजीह देना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि यथासंभव सामान्य तरीके से ही बच्चों का जन्म हो। इस लिहाज से डॉक्टरों और प्रसूताओं के बीच काउंसलिंग ही एकमात्र उपाय है और सरकार काउंसलिंग प्रक्रिया को बढ़ा रही है।

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