महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए 13 राज्यों में होगी ये खास सुविधाएं

महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए 13 राज्यों में होगी ये खास सुविधाएंसाभार: इंटरनेट

नई दिल्ली। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध से निपटने के लिए राज्यों को जल्द ही साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं और डीएनए जांच सुविधाएं मिलने जा रही हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा और दिल्ली की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में 131.09 करोड़ रुपये की लागत से डीएनए जांच सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 223.19 करोड़ रुपये की महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध निवारण परियोजना के तौर पर इन राज्यों में साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं और साइबर फॉरेंसिक प्रशिक्षण सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

पांच राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड में पहले ही साइबर फॉरेंसिक प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं हैं। इस उद्देश्य के लिए 410 सरकारी अभियोजकों और न्यायिक अधिकारियों समेत कुल 3,664 कर्मियों को प्रशक्षिण दिया गया है।

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महिलाओं की सुरक्षा सुधारने के लिए तैयार की गई परियोजनाओं के वास्ते केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए निर्भया फंड के तहत यह परियोजना लागू की जा रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, भारत में 2016 में साइबर अपराध के 12,187 मामले दर्ज किए गए जबकि 2015 में 11,331 मामले दर्ज किए गए थे।

(इनपुट भाषा से )

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