गर्भवती महिलाएं जननी सुरक्षा योजना का कैसे ले सकती हैं लाभ? यहां मिलेगी पूरी जानकारी

भारत सरकार की जननी सुरक्षा योजना ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को 1,000 रुपये की एकमुश्त नकद मदद करती है, ताकि प्रसव के बाद की देखभाल की जरूरतों को पूरा किया जा सके। योजना का लाभ कैसे उठाएं? इसके लिए कौन पात्र है? जरूरी दस्तावेज क्या हैं? यहां वह सब है जो आपको जानना जरूरी है।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। संस्थागत प्रसव बढ़ाने और गरीब ग्रामीण महिलाओं को प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल के लिए केंद्र सरकार की योजना - जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) - देश भर में गर्भवती महिलाओं को एकमुश्त नकद मदद करती है।

इस योजना के जरिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर माँ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना है। यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों पर विशेष ध्यान देने के साथ लागू की जा रही है।

यह योजना कम संस्थागत प्रसव दर वाले राज्यों में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) गर्भवती महिलाओं पर केंद्रित है - उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा, जम्मू और कश्मीर। बाकी राज्य उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं।

इस योजना के जरिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर माँ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना है। फोटो: दिवेंद्र सिंह

कम प्रदर्शन करने वाले राज्यों में, गर्भवती महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में 1,400 रुपये की एकमुश्त नकद सहायता दी जाती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 1,000 रुपए मिलते हैं।

उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गर्भवती महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में 700 रुपये नकद सहायता दी जाती है जबकि शहरी क्षेत्रों में 600 रुपये मिलते हैं।

इसी के साथ ही बीपीएल गर्भवती महिलाएं (सभी राज्यों में), जिनकी आयु 19 वर्ष और उससे अधिक है, जिनका घर पर प्रसव होता है, उन्हें प्रति प्रसव 500 रुपये की नकद सहायता दी जाती है। ऐसी नकद सहायता केवल दो प्रसव तक उपलब्ध होगी और वितरण के समय या प्रसव से लगभग सात दिन पहले एएनएम [सहायक नर्स मिडवाइफ] या आशा या किसी अन्य लिंक कार्यकर्ता द्वारा जेएसवाई दिशानिर्देशों के अनुसार वितरण किया जाएगा।


किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जैसे उप-केंद्रों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला और राज्य अस्पतालों के सामान्य वार्ड या मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में प्रसव कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं जेएसवाई के तहत पात्र हैं।

जबकि उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यों में, 19 वर्ष और उससे अधिक आयु की सभी बीपीएल गर्भवती महिलाएं योजना के लाभ के लिए पात्र हैं।

जननी सुरक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीकरण किया जाता है और जन्म योजना तैयार की जाती है, पंजीकरण के समय प्रसव के लिए जगह पहले से तय की जाती है और गर्भवती मां को जानकारी दी जाएगी। पंजीकरण डिलीवरी की अपेक्षित तिथि से कम से कम 20-24 सप्ताह (5-6 महीने) पहले किया जाना चाहिए।

प्रसव के 7-10 दिनों के भीतर मां और आशा को नकद लाभ सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाता है।


इन जरूरी डॉक्यूमेंट की होगी जरूरत

आधार कार्ड

राशन पत्रिका

बीपीएल प्रमाणपत्र

बैंक खाता संख्या

पंजीकृत मोबाइल नंबर

पासपोर्ट साइज फोटो

प्रसव के बाद अस्पताल से छुट्टी के कागजात।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

इस योजना के तहत पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी के पास ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जारी एक मातृ और बाल स्वास्थ्य (एमसीएच) कार्ड के साथ एक जेएसवाई कार्ड होना चाहिए।

पंजीकरण के लिए, इन स्टेप का पालन करें:

अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन पर rch.nhm.gov.in/citizen/register.aspx खोलें।

'नए पंजीकरण' पर क्लिक करें

नाम, पता, पिन कोड, ईमेल आईडी, पति का नाम सहित अपना विवरण दर्ज करें। * से चिह्नित फ़ील्ड अनिवार्य हैं, बाकी वैकल्पिक हैं।

'प्रशासनिक इकाई' में अपने ब्लॉक का नाम दर्ज करें

अपने गाँव का नाम दर्ज करें। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से एएनएम का नाम और उनके मोबाइल नंबर के अंतिम कुछ अंक दिखाई देंगे।

अपने मासिक धर्म की अंतिम तिथि दर्ज करें।

अपने आधार और बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल फोन नंबर दर्ज करें।

ओटीपी, कैप्चा कोड दर्ज करें।

एक बार सभी विवरण जांचें और 'सहेजें' आइकन पर क्लिक करें।

रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया जाएगा। इसे नोट कर लें या इसका स्क्रीनशॉट लें।

आप उसी विंडो में अपना 'पंजीकरण स्थिति' भी देख सकते हैं, जिसमें 'नया पंजीकरण' होता है। अपने राज्य का नाम, मोबाइल नंबर, ओटीपी, कैप्चा कोड दर्ज करें और खोजें। कुछ दिनों में एक रजिस्ट्रेशन आईडी जनरेट हो जाएगी।

पेमेंट कैसे चेक करें

umang.gov.in पर अपनी भुगतान स्थिति जांचें

एक खाता बनाएं और लॉगिन करने के लिए विवरण का उपयोग करें।

सर्च बॉक्स में 'पीएफएमएस' सर्च करें।

'अपना भुगतान जानें' पर क्लिक करें

बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, लिंक किया गया मोबाइल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें।

'राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन' पर क्लिक करें और आपको अपने भुगतान की स्थिति मिल जाएगी।

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