पैड निस्तारण का तरीका जानकर खुश हुईं पहाड़ की बेटियां

Neetu SinghNeetu Singh   18 Feb 2018 5:02 PM GMT

पैड निस्तारण का तरीका जानकर खुश हुईं पहाड़ की बेटियांराजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एक साथ दो देशों की छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं।

पिथौरागढ़(धारचूला)। सीमित संसाधनों के बीच रह रहीं पहाड़ की बेटियों ने जब पहली बार इंसीरेटर से पैड निस्तारण का तरीका जाना तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ प्रशासन और गांव कनेक्शन फाउंडेशन के साझा प्रयास से जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में 12 फरवरी से 20 फरवरी तक माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हैं जिले में चल रहे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं के बीच माहवारी पर खुलकर चर्चा की जाए। इस कार्यशाला में छात्राओं को पहली माहवारी, उनके खानपान, साफ-सफाई और पैड इस्तेमाल से लेकर उसके निस्तारण तक की प्रक्रिया को गांव कनेक्शन फाउंडेशन की तरफ से बताया जा रहा है।

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला ब्लॉक के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एक साथ दो देशों की छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। इस कॉलेज में 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा महक वर्मा ने इंसीरेटर मशीन के फायदे जानकर कहा, "इससे पहले हम पैड को नदी में फेक देते थे या फिर स्कूल में कूड़े के ढेर में डाल देते थे। अगर ये मशीन हमारे स्कूल में लग जाएगी तो पैड फेंकने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और हम पीरियड के समय भी स्कूल आ पाएंगे।"

पिथौरागढ़ जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में 12 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगी कार्यशाला।

महक की तरह इस स्कूल में 600 से ज्यादा छात्राएं पढ़ाई करती हैं। नेपाल बार्डर नजदीक होने की वजह से इस कॉलेज में दोनों देशों की छात्राएं एक साथ पढ़ाई करती हैं। ये छात्राएं सीमित संसाधनों की बीच अपना जीवन भले ही व्यतीत कर रहीं हों पर इनमें भविष्य की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि ये पढ़ने में होशियार के साथ मुखर होकर सवाल करने में झिझक नहीं करती हैं।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ प्रशासन और गांव कनेक्शन फाउंडेशन के साझा प्रयास से माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन पर चल रही कार्यशाला।

कार्यक्रम में शामिल धारचूला ब्लॉक की बाल विकास परियोजना अधिकारी चंद्र प्रभा राइपा ने कहा, "सही जानकारी और पहाड़ी क्षेत्र में पैड न मिल पाने की वजह से यहां के लोगों में सफेद पानी की शिकायत बहुत ज्यादा रहती है। अगर माहवारी विषय पर समय-समय पर इस तरह की जानकारी इन्हें दी जाए तो हो सकता है इनके स्वास्थ्य में बेहतर सुधार हो पाए।"

गाँव कनेक्शन फाउंडेशन की ट्रेनर रमा तिवारी ने यहां की छात्राओं को पहली माहवारी शुरू होने से लेकर पैड निस्तारण निस्तारण और बाल यौन अपराध पर खुलकर बात की। इस दौरान यहां की छात्राओं ने माहवारी विषय से जुड़े कई सवाल पूंछे। इन सवालों में पेट दर्द कई छात्राओं का सवाल रहा। इस सवाल के जबाब में रमा तिवारी ने उन्हें कुछ व्यायाम के तरीके बताए साथ ही गर्म पानी की थैली का भी इस्तेमाल बताया। उन्होंने ये भी कहा, "अगर किसी के पेट में दर्द ज्यादा है तो वो डॉ की सलाह लेकर दवा ले सकता है।"

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हैं माहवारी पर खुलकर चर्चा की जाए।

कॉलेज की प्रिंसिपल शान्ति नवियाल ने कार्यक्रम के समापन के दौरान सभी को धन्यवाद देते हुए कहा, "जब कोई बाहर से आकर इस तरह के विषयों पर बात करता है तो बच्चों की इसमें रूचि बढ़ती है उनकी झिझक खत्म होती है। इंसीरेटर मशीन अगर हमारे स्कूल में लग जाती है तो ये लड़कियां पीरियड के समय स्कूल आने में झिझक नहीं करेंगी।" इस कार्यक्रम में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, खंड शिक्षा अधिकारी, एडीओ पंचायत, डॉ प्रियंका,आशाबहु, आंगनबाड़ी समेत पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहे।

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