उत्तराखण्ड की इन छात्राओं ने जाना, आखिर हर लड़की को क्यों हाेती है माहवारी

Neetu SinghNeetu Singh   18 Feb 2018 8:24 PM GMT

उत्तराखण्ड की इन छात्राओं ने जाना, आखिर हर लड़की को क्यों हाेती है माहवारीमाहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन के साथ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की जानकारी भी दी गई।

पिथौरागढ़(बेरीनाग)। जिले के सभी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गाँव कनेक्शन फॉउंडेशन और पिथौरागढ़ प्रशासन के साझा प्रयास से माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन पर एक खास मुहिम 12-20 फरवरी तक चलाई जा रही है।

"माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत हर लड़की के किशोरावस्था से होती है। माहवारी कोई गंदी चीज या बीमारी नहीं है। हर लड़की को माहवारी होना किसी वंश को आगे बढ़ाने की क्षमता को दर्शाता है।" ये बात छात्राओं को गांव कनेक्शन फाउंडेशन से रमा तिवारी ने बताई। उन्होंने आगे कहा, "इस दौरान निकलने वाला खून कीटाणु रहित और शुद्ध होता है। पीरियड के समय हर काम कर सकते हैं जो आप सामान्य दिनों में करते हैं। खेलना, कूदना, अचार छूना, मंदिर जाना, अपने मनपसंद खाना खाना हर लड़की कर सकती है।"

यह भी पढ़ें- पैड निस्तारण का तरीका जानकर खुश हुईं पहाड़ की बेटियां

कार्यशाला में चित्रों के माध्यम से छात्राओं को दी गई जानकारी।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेरीनाग की नवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा संजना बोरा ने कहा, "हमनें ये चित्र देखकर पहली बार जाना की आखिर हर लड़की को माहवारी क्यों होती है। मुझे लगता था ये हमारे अन्दर का गंदा खून बाहर निकलता है, इसलिए ये सबको होता है।" माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन के साथ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की जानकारी हर ब्लॉक के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गाँव कनेक्शन फाउंडेशन की टीम और ब्लॉक स्तर के सभी जिम्मेदार अधिकारी पहुंचकर 12-20 फरवरी तक चलने वाली इस खास मुहिम को सफल बना रहे हैं।

इसी क्रम में 17 फरवरी को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेरीनाग में पढ़ने वाली एक छात्रा ने कहा, "इससे पहले हमें ये नहीं पता था कि ये खून गन्दा नहीं होता है। सब कोई यही कहता है कि पीरियड के समय मंदिर नहीं जाया जाता क्योंकि इससे हमें पाप पड़ता है और भगवान जी गुस्सा हो जाते हैं।" उसने आगे कहा, "आज पहली बार आपने ये बताया कि हम मंदिर भी जा सकते हैं। हम तो उन दिनों स्कूल भी नहीं आते हैं,हमे लगता है हम गंदे हो गए हैं तो स्कूल न जाएं।"

जिले के सभी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन।

यह भी पढ़ें- ये पैडवुमेन पांच वर्षों से दुनिया के 32 देशों में चला रहीं माहवारी पर ‘चुप्पी तोड़ो अभियान’

बाल विकास परियोजना अधिकारी अजय पुनेठा ने कहा, "हर लड़की के लिए माहवारी एक स्वाभाविक और सामान्य प्रक्रिया है। इसे खुशी से स्वीकार करें। अगर आपके साथ कोई भी सोशल एब्यूज करता है तो आप सब उसका जबाब दें,अपनी आवाज़ उठाएं।" कार्यक्रम के दौरान शुरुआती दौर में माहवारी पर बात करने के लिए छात्राएं झिझक रहीं थी,पर जब उनके साथ एक दोस्ताना व्यवहार करके बात की गयी तो उन्होंने इससे जुड़े कई सवाल पूंछे।

इस कार्यक्रम में बीडीओ,आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

कॉलेज की प्रिंसिपल भागीरथी बाफिला ने कहा, "यहां के ज्यादातर बच्चे बहुत गरीब घर से आते हैं,उनके लिए हर महीने सेनेटरी पैड खरीदकर इस्तेमाल करना सम्भव नहीं है। आज ये इन छात्राओं ने ये भी जाना कि कपड़े इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है, बस ये ध्यान रखने की जरूरत है कि ये कपड़े साफ़ धुले हुए और धूप में सूखे हुए हों।" इस कार्यक्रम में बीडीओ,आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- माहवारी पर लोगों की सोच बदल रहे ये युवा

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top