छत्तीसगढ़ में रूढ़ियों को तोड़कर पीरियड्स जैसे विषय पर बात कर रहीं महिलाएं

Tameshwar SinhaTameshwar Sinha   28 May 2019 1:10 PM GMT

छत्तीसगढ़ में रूढ़ियों को तोड़कर पीरियड्स जैसे विषय पर बात कर रहीं महिलाएं

सरगुजा (छत्तीसगढ़)। ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी को लेकर सामाजिक संस्थान सरगुजा साइंस ग्रुप न सिर्फ महिलाओं को जागरूक कर रही है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों को नि:शुल्क सेनेटरी पैड दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा जिले के बतौली और लुण्ड्रा ब्लॉक के हर तीन-चार गाँव के बीच एक सेनेटरी पैड सेंटर खोलने की शुरूआत की है। इन सेंटरों की जिम्मेदारी उसी गांव की महिला स्वयं सहायता समूह की होगी, जहां कम दर पर ग्रामीण महिलाओं को सेनेटरी पैड आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। काफी दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेनेटरी पैड का वितरण करने वाले साइंस ग्रुप के सदस्य अब पैडमैन की भूमिका में हैं।

सरगुजा साइंस ग्रुप के अध्यक्ष अंचल ओझा बताते हैं, "2014 में जागृति यात्रा के दौरान दिल्ली में स्थित गूंज संस्था गये थे, जहां पर उनके द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रम को देख कर काफी प्रभावित हुआ। ऐसा लगा कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसा कार्यक्रम होना चाहिए, क्योंकि ग्रामीण अंचलों में जागरुकता की काफी कमी है।

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जनवरी 2014 में इस पर काम करना शुरू किया, पहले कपड़े से निर्मित पैड से शुरू यह अभियान अब 2019 पहुंचते-पहुंचते सैनेटरी पैड तक पहुंच चुका है।"

सूरजपुर जिले के स्कूलों में लगभग 8000 छात्राओं को हर महीने निःशुल्क सैनेटरी पैड उपलब्ध कराती हैं, वहीं दूसरी ओर संस्था के द्वारा कॉलेजों में सैनेटरी पैड वेंडिंग एवं डिस्पोजल मशीन भी लगाये जा रहे हैं, जिसमें सबसे राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इसे लगाया जा चुका है और मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल में सप्ताह भर में इसे लगा दिया जायेगा।

अंचल ओझा आगे बताते हैं, "लगातार स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं इस अभियान से जुड़ रही हैं, हर कोई इसे अपने विद्यालय में शुरू करने के पक्ष में है। हमारे पास फण्ड कम है, हम उतना ही सहयोग कर पाते हैं, जितना फण्ड इक्ट्ठा हो पाता है। अब तो सैनेटरी पैड की वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल भी स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शहरी क्षेत्रों के स्कूल और काॅलेजों में आसानी से पैड उपलब्ध कराया जा सके।"

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वर्तमान में करेसर, कुदर, लुण्ड्रा, नावाडिह, सिलमा, सुआरपारा, जामडिह, कुनकुरी, छेरमुण्डा, तेलईधार, डहोली, करौली, जरहाडीह, दुंदु, बिशुनपुर, ससौली, बुलगा, चीरगा, उदारी, बटवाही, महेशपुर, पड़ौली, बीजापारा, खाराकोना, खरकोना, मंगारी, सेदम, बरगीडीह, डांड़गांव, नागम, खालपोड़ी सहित विभिन्न ग्रामों में सरगुजा साइंस ग्रुप की टीम पहुंच कर जागरूकता कार्यक्रम चला रही है।

अब तक 150 से भी अधिक पंचायतों के लगभग 500 ग्रामों एवं टोलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को जागरूक करने के साथ-साथ सेनेटरी पैड का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है, जिससे की उसे उपयोग करने की दिशा में सार्थक पहल हो सके। खासकर छत्तीसगढ़ में इस तरह का प्रयास किसी संस्था के द्वारा पहली बार किया जा रहा है।


इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को मासिक के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जैसे मासिक के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना, साफ पैड और कपड़े इस्तेमाल करना, मासिक को लेकर समाज में बैठी हुई रूढ़ीवादी विचारधाराओं को समाप्त करने को लेकर भी पहल हो रही है। महिलाओं गाँवों में साथ में बैठकर मासिक जैसे मुद्दे पर खुल कर चर्चा कर रही हैं।

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इस जागरूकता कार्यक्रम में बैनर एवं पोस्टर के जरिये मासिक के दौरान संक्रमण से होने वाली बीमारियों की जानकारी सहित पोषण युक्त भोजन के लिये क्या आहार लें पूरी जानकारी सरगुजा साइंस ग्रुप के कार्यकर्ता महिलाओं को उपलब्ध करा रहे हैं, साथ ही दुबारा इन गावों में संपर्क कर फीडबैक भी लिया जा रहा है कि इन कार्यक्रमों के जरिये महिलाएं एवं लड़कियां कितनी जागरूक हुई।

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