नहीं कारगर हो पा रहा जल बचाओ अभियान

नहीं कारगर हो पा रहा जल बचाओ अभियानraybareli talab jalbachaoabhiya

प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 10,000 तालाबों का नवनिर्माण व सौंदर्यीकरण का कार्य जून माह तक होना था पूरा 

रायबरेली। विशुनपुर गाँव में इस वर्ष 'जल बचाओ अभियान' में सरकारी तालाब बनाया जाना था। इसके लिए विभाग ने गाँव की ज़मीन भी निर्धारित कर ली, खंड अधिकारी का दौरा भी हुआ और ग्राम प्रधान ने ताल निर्माण की तैयारी भी कर ली। इसके बावजूद तालाब नहीं बनवाया जा सका।

रायबरेली जिला मुख्यालय से 35 किमी उत्तर दिशा में बछरावां ब्लॉक के विशुनपुर गाँव के निवासी रज्जन शुक्ला (35 वर्ष) बताते हैं, ''गाँव में एक पुराना तालाब है, जो सूखा पड़ा है। इसके अलावा यहां आज तक कोई भी नया तालाब नहीं बनवाया गया है।''

ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार के चलाए जा रहे जल बचाओ अभियान में ढिलाई बरती जा रही है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 10,000 तालाबों का नवनिर्माण व सौंदर्यीकरण का कार्य जून माह तक पूरा किया जाना था पर अभी तक निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सका है। गाँवों में तालाब निर्माण के सभी कार्य मनरेगा से पूरे होने थे।

रायबरेली जिले में चलाए जा रहे जल बचाओ अभियान में निर्धारित लक्ष्य से कम बन रहे तालाबों के बारे में बछरावां ब्लॉक के क्षेत्रीय अधिकारी, मनरेगा अरविंद बाजपेई बताते है,  ''पूरे जिले में चलाए जा रहे जल बचाओ अभियान में सबसे ज़्यादा (85) तालाबों का निर्माण कार्य हमें सौपा गया था। इनमे से पचास नए-पुराने तालाबों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।''

इस वर्ष न के बराबर हुई वर्षा से किसानों को अपने खेतों की सिंचाई में परेशानी हुई है। ऐसे में गाँवों में जल संरक्षण कर सिंचाई के लिए बेहतर जल व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सभी जिलों में अप्रैल माह से जल बचाओ अभियान की शुरुआत की थी।

''गाँवों की ज़्यादातर सरकारी ज़मीनों पर लोगों का अवैध कब्ज़ा हो चुका है। कब्ज़ा हटवाने और उस ज़मीन पर फिर से तालाब बनवाने में ज़्यादा समय लग रहा है। इससे निर्धारित लक्ष्य पाने में देरी हो रही है।'' अरविंद बाजपेई आगे बताते हैं।

इस अभियान के अंतर्गत रायबरेली जिले में किसी भी विकास खंड ने अपना निर्धारित लक्ष्य नहीं हासिल किया है। रायबरेली जिले में प्रदेश सरकार के जल बचाओ अभियान के अंतर्गत 832 तालाबों का निर्माण कार्य पूरा होना निर्धारित हुआ था। लेकिन मौजूदा समय में 162 तालाबों का काम अभी भी अधूरा पड़ा है।

अभियान में बरती जा रही लापरवाही को रोकने पर मनरेगा उपायुक्त एसके उपाध्याय बताते हैं, ''जल बचाओ अभियान में पूरे जिले में कुल 832 तालाबों का निर्माण किया जाना निर्धारित हुआ था। इसकी कार्यअवधि जून 2015 तक थी। अभी तक 670 तालाबों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाकी बचे तालाबों का निर्माण कार्य क्यों नहीं हो सका। इसका जवाब सभी बीडीओ से मांगा जा रहा है।'' 

जल बचाओ अभियान में तालाब निर्माण के लिए अप्रैल माह में ही बजट जारी कर दिया गया था। इसका लाभ सभी ग्राम पंचायतों को मिल सके, इसके लिए विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया था।

''कौन से ब्लॉक में कितने तालाब बना लिए गए हैं और किन तालाबों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। इसका पूरा ब्यौरा जिले के बछरावां, खीरों, डलमऊ, छतोह, सलोन, जगतपुर, ऊंचाहार, अमवां और महाराजगंज के विकास खंड अधिकारियों से एक हफ्ते के अंदर देने का नोटिस भेजा जा चुका है।'' एस के उपाध्याय आगे बताते हैं।

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