नई बैरकों को मंजूरी, कैदियों को मिलेगी 'राहत'

नई बैरकों को मंजूरी, कैदियों को मिलेगी राहत

मैनपुरी। जिला कारागार में बंद कैदियों को डबल स्टोरी बैरकों के बन जाने से अब 'राहत' मिल जाएगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां पर दस नई बैरकें बनवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

जिला कारागार में बंदियों की निर्धारित क्षमता 458 है। इस समय जेल में लगभग 1100 बंदी हैं। बंदियों की क्षमता के हिसाब से न तो यहां शौचालय हैं और न ही बैरक हैं। जेल में क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण जेल प्रशासन ने क्षमता वृद्धि के लिए शासन को लिखा था। अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिला कारागार में 10 अतिरिक्त बैरक बनवाने की अनुमति दे दी है। जिला कारागार में जगह कम होने के कारण डबल स्टोरी की बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। नई बैरक बनने से बंदियों को राहत मिलेगी। इनमें बाथरूम व अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं भी होंगी। वहीं बैरकों में भी बिजली व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा।

जेल में कुल 13 बैरक हैं जिनमें 11 पुरुष बैरक, एक महिला बैरक और एक बच्चा बैरक है। एक बैरक में अधिकतम 40 से 45 कैदी आ सकते हैं। नाम न छापने पर एक कर्मचारी ने बताया कि एक बैरक में बंदियों की संख्या 80 से 90 है। कारागार में वीडियो कांफ्रेसिंग रूम का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है। न्यायालय में बीएसएनएल की ब्राडबैंड लाइन में परेशानी दूर होते ही बंदियों को तारीख पर कोर्ट तक ले जाने की परेशानी से निजात मिलेगी।

"बंदियों की अधिक संख्या देख शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने बैरक बनवाने की अनुमति दे दी है। औपचारिकताएं पूर्ण होते ही शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे बंदियों को काफी राहत मिलेगी।" सुरेश मिश्र, जेलर, जिला कारागार

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