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पांच करोड़ बच्चों ने ली पौधे लगाने की शपथ

पांच करोड़ बच्चों ने ली पौधे लगाने की शपथgaonconnection

लखनऊ। “आसपास जो भी स्थान होगा, उसमें पौधे लगाएंगे, उनकी देखभाल करेंगे और हम पेड़ पौधों की रक्षा और उनका संरक्षण करेंगे” इस सलोगन के साथ सोमवार को प्रदेश के पांच करोड़ बच्चों ने शपथ ली।

ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी मिशन 2016 के तहत प्रदेश में छह करोड़ पौधरोपण करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 11 जुलाई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पौधारोपण करेंगे। पौधरोपण के लिए विभाग द्वारा छह हजार से अधिक स्थानों का चयन किया गया है। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इस सॉफ्टेयर के जरिए पौधे कहां लगाए जा रहे हैं, पर नजर रखी जा सकेगी। फील्ड पर काम कर रहे लोगों की निगरानी के लिए 40 नोडल अधिकारियों के साथ कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

11 जुलाई को होने वाले इस पौधरोपण के लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। सीतापुर जिले के परसंडी क्षेत्र के कोरइया सरावा गाँव में स्थित जूनियर हाईस्कूल में 70 बच्चों ने शपथ ली। प्रधानाध्यापक निशा मिश्रा ने बताया, “बच्चों को सुबह दस बजे शपथ दिलाई गई है। इससे बच्चों को पेड़ों के महत्व के बारे में पता चलेगा कि वो हमारे जीवन में कितना महत्व रखते हैं। साथ ही स्कूलों में पौधरोपण भी कराया गया। अभी हमारे स्कूल में 30 पेड़ लगाए गए हैं।” 

वन विभाग वर्ष 2016 में विश्वरिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसके तहत 11 जुलाई को 24 घंटों में 6500 स्थानों पर पांच करोड़ पौधेरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में सोमवार को बनारस के भी लगभग सभी स्कूलों में बच्चों को शपथ दिलाई गई। नेशनल इंटर कॉलेज, सिंद्र के प्रधानाचार्या रामाश्रय सिंह ने बताया, “मेरे विद्यालय के 700-800 बच्चों ने मिलकर के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया साथ ही पर्यावरण जीवन में कितना महत्व रखता है इसकी भी जानकारी दी गई।” मिशन निदेशक प्रशान्त वर्मा ने बताया, “इस मिशन को पूरा करने के लिए पूरे तीन महीने का समय लगा है। पौधरोपण के दौरान 6161 स्थानों की मॉनीटरिंग की जाएगी। लगाए जाने वाले पौधों की सिंचाई की व्यवस्था भी की गई है। पौधों के बचाव के लिए तार बन्दी, कांटे, पत्थरों के घेरे बनवाये गए हैं।”

80 तरह की प्रजातियां लगाई जाएंगी

चयनित जगहों पर पौधरोपण के लिए शीशम, सागौन, नीम, बरगद, पीपल मिलाकर 80 प्रकार की प्रजातियां तैयार की गई हैं। ज्यादातर पारंपरिक पौधरोपण किया जाएगा। पौधरोपण क्षेत्र विशेष और मृदा विशेष को देखकर किया जाएगा। 

रिपोर्टर - दिति बाजपेई/स्वाती शुक्ला

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