पानी न मिलने पर भड़की ‘चंपाकली’ महावत को पटका

पानी न मिलने पर भड़की ‘चंपाकली’ महावत को पटकागाँव कनेक्शन

बहराइच। प्रदेश के वन्य जीव प्रभाग के कतार्निया वन्य जीव संग्रक्षण में स्थित कतर्नियाघाट रेंज में पर्यटकों के भ्रमण और जंगल के गश्त के लिए हथिनी चंपाकली और जयमाला को पिछले तीन वर्ष पूर्व सैलानियों के मनोरंजन के लिए लाया गया था। रात में महावत उन्हें हैंडपंप से पानी पिलाने के लिए लाया हुआ था। इसी दौरान चंपाकली ने हमला कर महावत को पटक दिया। उसके शरीर पर अपने पैर रख दिये। बचाने दौड़े सहयोगी को भी भड़की हथनी ने रौंद दिया। चीख सुनकर दौड़े वनकर्मियों ने किसी तरह हथिनी को काबू में किया। देर रात सभी को लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। हालत नाजुक बताई जा रही है। 

कतर्नियाघाट रेंज में वन विभाग हथिनी जयमाला और चंपाकली को जंगल गश्त और पर्यटकों के भ्रमण के लिए रखे हुए हैं। दिन भर दोनों हथिनियां कतर्नियाघाट रेंज में स्थित पर्यटक स्थल और नावघाट के पास रहती हैं। शाम को उन्हें गिरिजापुरी में स्थित हौदे पर ले जाया जाता है। प्रतिदिन की तरह महावत रामप्रसाद (55वर्ष) अपने सहयोगी नजाकत अली (45वर्ष) के साथ हथिनी चंपाकली को लेकर गिरिजापुरी स्थित हौदे पर पहुंचे। यहां पर हथिनी को बाल्टी से पानी पिलाने की शुरुआत हुई लेकिन चंपाकली ज्यादा प्यासी थी। पर्याप्त पानी न मिलने से वह भड़क उठी। उसने महावत रामप्रसाद को सूंड में लपेटकर पटक दिया। फिर उस पर पैर रख दिया। चीख सुनकर दौड़े सहयोगी नजाकत अली ने हथिनी को काबू में करने की कोशिश की तो उस पर भी चंपाकली ने हमला कर सीने पर पैर रख दिया जिससे नजाकत घायल हो गया। महावत और सहयोगी की चीख सुनकर दौड़े अन्य वनकर्मियों ने किसी तरह चंपाकली को काबू में किया। रात में ही दोनों वनकर्मियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।

डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि चम्पाकली को 15  दिनों के लिए अंडर कस्टडी में रख कर मामले की छानबीन की जायेगी। घायल गार्डों को लखनऊ भर्ती करा कर उपचार कराया जा रहा है।

रिपोर्ट- नित्यम श्रीवास्तव

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