तस्वीरों में देखिए : किसानों के साथ बिताया एक दिन

तस्वीरों में देखिए : किसानों के साथ बिताया एक दिनबाराबंकी के नगर गांव में आलू के खेत में पानी लगाता किसान। 

जो सुबह-सुबह हम नास्ता करते हैं, जो खाना खाते हैं.. कैसे उगता है वो ? कौन उगाता है उसे। हमारे किसान। पता है आपको जब आप सर्दियों में सुबह-सुबह रजाई से निकलने से पहले 5 बार सोचते हैं, एक किसान घने कोहरो और कड़कड़ाती ठंड में सुबह सुबह खेत में पानी लगाता है।

ओस से भीगी फसलों के बीच से पशुओं के लिए चारा निकालता है, उनकी निराई करता है। ये काम सिर्फ एक दिन या रात नहीं होता.. वो महीनों प्रक्रिया चलती है, जब कहीं जाकर रोटी के लिए गेहूं बनता है, सब्जियों का राजा आलू उगता है। गांव कनेक्शन के फोटो जर्नलिस्ट विनय गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में एक दिन गांव इन खेतों में के आसपास बिताया.. कुछ तस्वीरें आप के लिए..

सरसों की निराई करती महिला किसान। खेत में सरसों के साथ चना भी भी बोया गया है।
गेहूं के खेत में सिंचाई करता किसान।
आम के आम गुठलियों के दाम.. आलू के खेत में मूली बोता किसान।
आलू के खेत में पानी लगाने के बाद लौटता किसान।
नवंबर-दिसंबर में अगर आप गांव जाएंगे तो खेतों में पीली चादर नजर जाएगी।
खेत में पानी को रोकने के लिए मेड़ बनाता किसान।
क्योंकि इसी खेत से होने है परिवार का गुजारा.. सरसों से खरपतवार निकालता किसान परिवार।
खेती का बहुत सारा काम महिलाओं के जिम्मे होता है।
नीलगाय और रोगों से फसल को बचाने के लिए खेत में राख का छिड़काव करता किसान।

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