पिछले तीन वर्षो में 100 से अधिक लोक सेवकों ने बीच में ही छोड़ी नौकरी

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नई दिल्ली (भाषा)। सरकार ने बुद्धवार को बताया कि पिछले तीन वर्षो में 105 लोकसेवकों ने बीच में ही सेवा छोड़ दी जिसमें 45 ऐसे अधिकारी शामिल हैं जो इस्तीफा देकर दूसरी अखिल भारतीय सेवा में शामिल हुए।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आईपीएस एवं आईएफएस सेवा और अन्य केंद्रीय लोक सेवाओं के 45 अधिकारियों को छोड़कर अन्य सभी ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया।

पर्यवेक्षण प्रशिक्षण के मामले में नियमों में कहा गया है कि कोई पर्यवेक्षणाधीन अधिकारी केंद्र सरकार की संतुष्टि के अनुरुप पर्यवेक्षण पूरा करने में विफल रहता है तब उसे वेतन, यात्रा भत्ता समेत उसे दिये गए धन का भुगतान करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि 45 आईपीएस अधिकारियों के मामले में वसूली नहीं की गई है क्योंकि इस्तीफा अन्य अखिल भारतीय सेवाओं या केंद्रीय सेवाओं में शामिल होने के लिए दिया गया था। दो आईएएस अधिकारियों के मामले में राशि वसूली गई है जिन्होंने दीर्घकालीन प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद सेवा से इस्तीफा दिया।

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