पंद्रह जुलाई तक कर लें मूंगफली की बुवाई

पंद्रह जुलाई तक कर लें मूंगफली की बुवाईgaon connection

लखनऊ। मूंगफली खरीफ और जायद दोनों मौसम की फसल है। यह तेज़ हवा और बारिश से भूमि कटने से बचाती है। प्रदेश में झांसी, हरदोई, सीतापुर, खीरी, उन्नाव, बरेली, बदायूं, एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, मुरादाबाद, और सहारनपुर के अधिक क्षेत्रफल में उगाई जाती है।

रायबरेली जिला के ऊंचाहार तहसील के कमोली गाँव के किसान आदित्य सिंह (35 वर्ष) मूंगफली की खेती करते हैं। वो  बताते हैं, “हम लोग गर्मी वाली मूंगफली भी लगाते हैं, लेकिन उसमें उतना फायदा नहीं होता है। इस मौसम वाली मूंगफली में ज्यादा पैदावार हो जाती है और फायदा भी। ऊंचाहार में ही मूंगफली की बाज़ार भी लगती है, जिससे इसको बेचने भी दूर नहीं जाना पड़ता है।”

मूंगफली की फसल में सिंचाई 

खरीफ की फसल में वर्षा न होने पर दो सिंचाईयां करना आवश्यक है, पहली खुटियां (पेगिंग) बनाते समय और दूसरी फली बनाते समय करना चाहिए। जब की जायद की फसल में चार-पांच सिचाई करना अति आवश्यक है। पहली सिंचाई जमाव पूर्ण होने पर और सुखी गुड़ाई के 20 दिन बाद दूसरी सिंचाई 35 दिन बाद तीसरी सिंचाई 50 से 55 दिन बाद कहती पेगिंग बनने पर साथ ही हर समय नमी रहने हेतु गहरी सिंचाई करनी चाहिए। 

जलवायु और भूमि 

मूंगफली की खेती खरीफ और जायद दोनों मौसम की जाती है। जहां पर अधिक वर्षा होती है, वहां पर खास कर जायद में ही खेती हो रही है। मूंगफली की खेती के लिए दोमट बलुअर, बलुअर दोमट या हल्की दोमट भूमि अच्छी रहती है। जायद में मूंगफली की फसल के लिए भरी दोमट भूमि का चुनाव नहीं करना चाहिए।

उन्नतशील प्रजातियां

खरीफ के लिए चन्द्रा, चित्रा, कौशल, प्रकाश, अम्बर, उत्कर्ष, टाइप-64, टाइप-28 एवं टीजी-37ए खरीफ की उन्नतशील प्रजातियां हैं। ये खरीफ में उत्पादन के लिए उत्तम पाई जाती हैI 

बुवाई का सही समय और विधि

खरीफ में बुवाई 20 जून से 15 जुलाई तक अवश्य कर लेना चाहिए और खरीफ में लाइन से लाइन बुवाई की दूरी 40 से 45 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 15 से 20 सेमी रखनी चाहिए।

बीज की मात्रा और बीज का शोधन

खरीफ की फसल में 90-95 किग्रा प्रति हेक्टेयर बुवाई में लगता है, जायद की फसल में 95-100 किग्रा प्रति हेक्टेयर बीज बुवाई में लगता हैं बोने से पहले बीज को थीरम दो ग्राम और एक ग्राम 50 प्रतिशत कार्बेन्डाजिम के मिश्रण को दो ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से शोधित करना चाहिए। 

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