पंजीकरण के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित मजदूर

पंजीकरण के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित मजदूरगाँव कनेक्शन

बलरामपुर। गाँव में मजदूर भी हैं और विभाग के पास योजनाएं भी, लेकिन उसके बावजूद जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अकेले देवीपाटन मंडल में 9.53 लाख मजदूर पंजीकरण के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। हद तो तब हो गई जब ब्लॉकों पर कैंप लगने के बाद भी श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हो पाया।

श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए 14 योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिसमें बीमारी से लेकर घर निर्माण तक की योजनाएं शामिल हैं। शासन ने मनरेगा योजना के तहत 50 दिन का रोजगार पाने वाले प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण श्रम विभाग में कराकर लाभान्वित करने का फैसला किया था।

देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में मनरेगा योजना के तहत कुल 9.87 लाख जॉबकार्ड धारक हैं, जिसमें से महज 33 हजार श्रमिकों का ही पंजीकरण अप्रैल महीने तक हुआ है। ऐसे में अभी भी 9.53 लाख श्रमिक सरकारी योजनाओं से दूर हैं। श्रावस्ती के रहने वाले राजाराम कई दिनों से मिस्त्री के रूप में काम करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि आपने पंजीकरण कराया कि नहीं तो उन्होंने बताया कि उन्हें इन सब योजनाओं और पंजीकरण के बारे में तो कोई जानकारी नहीं है।

इन योजनाओं से ग्रामीण दूर

  • शिशु हितलाभ योजना- शिशु के जन्म से दो वर्ष आयु पूर्ण होने तक 10 हजार और पुत्री पैदा होने पर 12 हजार रुपए की सहायता। 
  • मातृत्व हितलाभ योजना- महिला श्रमिकों को पंजीकरण के उपरांत दो प्रसवों तक 12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता।
  • बालिका हितलाभ योजना- निर्माण श्रमिकों को पुत्री पैदा होने पर एकमुश्त 20 हजार रुपए की सावधि जमा के रूप में दी जाएगी। 18 वर्ष की आयु तक बालिका  को अविवाहित रहने पर दी जाएगी।
  • मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना-श्रमिक की सामान्य एवं बीमारी से मृत्यु होने पर आश्रितों को एक लाख व अंत्येष्टि के लिए 15 हजार रुपए की सहायता।
  • दुर्घटना सहायता योजना-श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख व स्थायी विकलांगता की स्थिति में तीन लाख तथा आंशिक विकलांगता की स्थिति में दो लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।
  • गंभीर बीमारी सहायता योजना-श्रमिक एवं उसके पारिवारिक सदस्यों की राज्य व केंद्र सरकार के नियंत्रणाधीन किसी स्वायत्तशासी चिकित्सालय में कराए गए इलाज के व्यय की प्रतिपूर्ति।
  • अक्षमता पेंशन योजना-श्रमिक के दुर्घटना व बीमारी के कारण पूर्ण एवं स्थायी रूप से अक्षम होने पर नियमित हरमाह एक हजार रुपए की पेंशन।
  • मेधावी छात्र पुरस्कार योजना-श्रमिकों के मेधावी बच्चों को कक्षा पांच से 12 तक एवं उसके आगे की पढ़ाई के लिए नगद सहायता एवं पुरस्कार राशि।
  • सौर ऊर्जा योजना-श्रकाश संबंधी आवश्यकता को देखते हुए एक बार नि:शुल्क सोलर लाइट देना।
  • आवास योजना-आवास विहीन श्रमिक को अपनी जमीन पर घर बनाने के लिए एक लाख की सहायता।
  • साइकिल सहायता योजना-श्रमिक को साइकिल क्रय करने के लिए 3000 रुपए की सहायता।
  • पेंशन योजना-प्रत्येक लाभार्थी श्रमिक को 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर हर माह 500 रुपए की पेंशन।
  • कौशल विकास योजना-श्रमिक व पारिवारिक बालिग सदस्यों को रोजगारपरक व्यवसायों में दक्षता का प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करना।

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