देश के लिए शहीद हुए पति के बाद बेटे को भी फ़ौज में भेजना क्या एक माँ के लिए आसान होता है? सुनिए नीलेश मिसरा की आवाज़ में ये कहानी |

फ़ौजियों की ज़िंदगी तो हम सब जानते हैं कि किन ख़तरों से घिरी होती है, लेकिन हम ये नहीं समझ पाते कि उनका परिवार किन मुश्किलों से गुज़रता है।

सुनिए नीलेश मिसरा की आवाज़ में अनुलता राज नायर की लिखी कहानी "फौजी की डायरी"

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