सीएम आवास की ओर कूच कर रहे कंप्यूटर अनुदेशकों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया 

सीएम आवास की ओर कूच कर रहे कंप्यूटर अनुदेशकों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया कंप्यूटर अनुदेशकों को रोकती पुलिस 

लखनऊ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजधानी पहुंचे सैकड़ों की संख्या में कम्प्यूटर अनुदेशक अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे। जिन्हें पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। मामला इस हद तक बिगड़ गया कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज से मौके पर भगदड़ मच गई, इससे कई शिक्षक/शिक्षिकाएं गंभीर रुप से चोटिल हो गए।

वहीं अनुदेशकों के प्रदर्शन से सिविल अस्पताल रोड पर भयंकर ट्रैफिक जाम लग गया। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन से सिविल अस्पताल के सामने लगा घंटों ट्रैफिक जाम

माध्यमिक कम्प्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सजदा पंवार ने बताया कि, वह काफी लंबे समय से कम्प्यूटर शिक्षकों के लिए संघर्ष कर रही हैं। पुलिस ने कई बार उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया फिर भी हिम्मत नहीं हारी। पूर्व की सपा सरकार में कई बार धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, आमरण अनशन हुआ लेकिन सरकार ने मांगें नहीं मानी। अनुदेशकों ने अब यूपी में भाजपा की सरकार बनने में मदद की, लेकिन अभी उन्हें इस सरकार से भी कोई उम्मीद नहीं दिखी। इसी के चलते सैकड़ों अनुदेशकों ने बुधवार सुबह सीएम आवास की तरफ कूच कर दिया।

सीएम आवास के पास पहुंचने से पहले ही पुलिस ने अनुदेशकों को रोक लिया तो, पुलिस से झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई लोग चोटिल हो गए। उन्होंने बताया कि संगठन की मांग है कि राजकीय/अशासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 4000 कम्प्यूटर शिक्षक पिछले पांच सालों से लगातार सरकार व शिक्षा विभाग की मंशा के अनुरूप काम कर रहे थे। लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण 2500 कम्प्यूटर शिक्षकों की सेवाएं डेढ़ साल पहले निरस्त कर दी गईं। शेष 1500 कम्प्यूटर शिक्षकों की सेवाएं 31 मार्च 2016 को समाप्त कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर हमारी मांगे शीघ्र नहीं मानी गईं तो आगे भविष्य में बड़े आंदोलन के लिए राज्य सरकार तैयार हो जाये।

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