प्राणि उद्यान छोड़ कर चली गयी गुड्डी

प्राणि उद्यान छोड़ कर चली गयी गुड्डीगाँव कनेक्शन

लखनऊ। सबसे लम्बी उम्र तक जीने वाली तेंदुआ गुड्डी ने सोमवार की शाम को चिडिय़ाघर को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। गुड्डी प्राणि उद्यान में करीब 19 वर्षों तक एक सदस्य के रूप में रही।

लखनऊ प्राणि उद्यान के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया, ''गुड्डी हमारे प्राणी उद्यान के लिए बहुत ही खास थी। गुड्डी तेंदुआ जनवरी 1997 में गोण्डा जिले के एक गाँव के एक कुएं में गिर गयी थी जिसको रेस्क्यू कर एक जनवरी, 1997 को ही प्राणि उद्यान लाया गया था। रेस्क्यू के समय वह लगभग पांच वर्ष की आंकी गयी थी। इस दौरान प्राणि उद्यान के परिवार में यह लगभग 19 वर्ष एक सदस्य के रूप में रही। पूर्व में यह दर्शकों के देखने हेतु तेंदुआ बाड़े में रखी गयी थी लेकिन वृृद्धावस्था को देखते हुए इसको प्राणि उद्यान के चिकित्सालय में विशेष देखरेख व चिकित्सा के लिए लाया गया था।

मृृत्यु के समय इसकी उम्र लगभग 24 वर्ष थी। अनुपम गुप्ता ने बताया कि सामान्यत: तेंदुओं की उम्र 13-14 वर्ष होती है। प्राणि उद्यान में समुचित और चिकित्सकों एवं स्टाफ द्वारा विशेष देखरेख होने एवं खाने में मुलायम मांस दिये जाने के कारण गुड्डी इतने लम्बे समय तक जीवित रह पायी। यह मादा तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से वृद्धावस्था के कारण होने वाले शारीरिक अक्षमता से ग्रसित थी। इसके दांत तथा नाखून घिसकर कमजोर हो गये थे।वर्तमान में प्राणि उद्यान में पांच नर तेंदुए व चार मादा कुल नौ तेंदुए उपलब्ध हैं।''

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