प्रत्यक्षदर्शी बोले, महिला ने थाने के बाहर लगाई आग

प्रत्यक्षदर्शी बोले, महिला ने थाने के बाहर लगाई आग

स्वाती शुक्ला

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 40 किमी दूर बाराबंकी जिले के कोठी थाने के बाहर जली महिला के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि महिला ने खुद को आग लगाई। जबकि मृत महिला के पति का आरोप है कि पुलिसवालों ने रेप की कोशिश की, जिसके बाद पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी।

इस मामले में आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी साफ किया कि ऐसे कोई भी प्रमाण नहीं मिले हैं कि महिला को थाने में आग लगाई गई हो। हालांकि मृत्यु से पूर्व महिला ने बयान दिया कि कोठी थानाध्यक्ष और सब इंस्पेक्टर ने रेप की कोशिश की, और उसके बाद आग लगा दी। इस मामले में जांच और राजनीति जारी है।

इस घटनाक्रम को समझाते हुए बाराबंकी के कोठी थाने के सामने दुकान चलाने वाली किरन वर्मा ने बताया, ''महिला गुस्से में थाने से निकली और किसी को फोन किया, उसके बाद अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकाल कर अपने ऊपर छिड़क लिया और आग लगा ली।''

बाराबंकी जिले के कोठी ब्लॉक के गहा गाँव में रहने वाली नीतू द्विवेदी थाने में बंद अपने पति को छुड़ाने पहुंची थी।
महिला के पति राम नरायण द्विवेदी बताते हैं, ''घटना से दो दिन पहले रात में एसओ और एसआई हमारे घर आए, और मेरी पत्नी से बद्तमीजी की और गालियां दीं। इसके बाद हमें कैसरगंज में पकड़ लिया और दो दिन थाने में रखा।'' आगे बताते हैं, ''पत्नी थाने आई तो पुलिस वालों ने मुझे छोडऩे के लिए एक लाख रुपए देने को कहा।

उसने दस हज़ार दिए तो थानाध्यक्ष नहीं माने और उसके साथ बद्तमीजी करने लगे। इसके बाद उसे आग लगा दी।''
वहीं, किरन वर्मा कहती हैं, ''महिला ने स्कूटी मोड़ पर खड़ी कर दी, और थाने चली गई थोड़ी देर में गुस्से में बाहर आई और पेट्रोल की बोतल निकालकर उसे अपने ऊपर छिड़क लिया।

जब तक हम बचाने के लिए दौड़े उसने माचिस से आग लगा ली। वो जलने लगी और सड़क पर गिर गई।'' वहीं, दूसरे दुकानदार भगवान बख्श ने बताया, ''हमने देखा महिला ने गाड़ी से पेट्रोल की बोतल निकाली अपने ऊपर डालने लगी फिर उसने माचिस से आग लगा ली। सब उसकी तरफ दौड़े और उसकी जान बचाने का प्रयास किया गया।''

उधर, मृत महिला के बेटे नीरज द्विवेदी ने कहा, ''मैं थाने से थोड़ी दूर पर चौराहे पर खड़ा था, जब पता चला तो जल्दी से पहुंचा तब तक आग बुझाई जा चुकी थी।''

वहीं, आईजी लोक शिकायत अशोक मुथा जैन ने कहा, ''फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि थाने के अंदर महिला को आग लगाई गई है। जांच की प्र्रगति पर लगातार डीजीपी मुख्यालय द्वारा नज़र रखी जा रही है।''

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