ईवीएम से छेड़छाड़ की वजह से पंजाब में कांग्रेस जीती : केजरीवाल  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   15 March 2017 5:06 PM GMT

ईवीएम से छेड़छाड़ की वजह से पंजाब में कांग्रेस जीती : केजरीवाल  अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसके कारण आम आदमी पार्टी (आप) के 20-25 प्रतिशत वोट शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के खाते में चले गए। केजरीवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, "कई बूथों पर उनकी पार्टी को केवल 'दो, तीन या चार' वोट ही मिले, जबकि वहां दर्जनों की संख्या में उनके अपने कार्यकर्ता और परिजन भी थे।"

केजरीवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आम आदमी पार्टी को महज 20 सीटें मिलना ‘समझ से परे' है और यह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता पर एक ‘‘बड़ा सवाल खड़ा'' करता है क्योंकि विभिन्न राजनीतिक पंड़ितों ने पार्टी के लिए ‘‘भारी जीत'' की भविष्यवाणी की थी।

उन्होंने कहा, “जिन इलाकों में पार्टी को केवल दो-चार वोट मिले हैं वहां आप कार्यकर्ता और उनके परिजन सभी शपथपत्र पर शपथ लिखने को तैयार हैं कि उन्होंने हमें ही वोट दिया है।”

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप को भारी जीत एक पूर्व निर्धारित निष्कर्ष था तो अकालियों को 30 प्रतिशत वोट कैसे मिल गए? किसी ने नहीं कहा था कि कांग्रेस इतना अच्छा प्रदर्शन करेगी और दो तिहाई बहुमत ले आएगी। हमें संदेह है कि ईवीएम में गड़बड़ी के कारण ‘आप' के हिस्से के 20-25 प्रतिशत मत शिअद-भाजपा को चले गए।''

गत 11 मार्च को पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद यह पहली बार है, जब केजरीवाल मीडिया से मुखातिब हुए। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने गोवा का जिक्र नहीं किया। गोवा में आम आदमी पार्टी के हिस्से में एक भी सीट नहीं आई है।

कल केजरीवाल ने दिल्ली के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर उन्हें राज्य के चुनाव आयोग से संपर्क करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश में उन्हें आयोग के समक्ष यह अनुरोध करने के लिए कहा गया है कि दिल्ली का आगामी निकाय चुनाव मतपत्रों के जरिए कराया जाए।

कांग्रेस ने 38.4 प्रतिशत वोटों के साथ पंजाब में जीत हासिल की है, वहीं अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 30.5 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि आप को केवल 23.5 प्रतिशत वोट ही हासिल हुए हैं।

केजरीवाल ने यह मांग की कि पंजाब में लगभग 32 स्थानों पर ईवीएम में दर्ज मतों की तुलना वीवीपीएटी (वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल) से कराई जाए, जहां पेपर ऑडिट प्रणाली सक्रिय थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और मतदान प्रणाली में लोगों के विश्वास की बात है, प्रथम दृष्टया हमारे पास गड़बड़ी के पुख्ता सबूत हैं।''

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के 117 निर्वाचन क्षेत्रों में से 32 स्थानों पर (वोटर-वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) वीवीपीएटी स्थापित किए गए थे।

जब उनसे इसी तर्ज पर वर्ष 2015 में आप को मिली भारी जीत की वजह बताने को कहा गया था तो उन्होंने कहा कि शायद इसका संबंध इस बात से है कि भाजपा को तब ‘अति विश्वास' था कि वह जीत हासिल कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए तब वे गड़बड़ी में शामिल नहीं हुए होंगे। यही जदयू-राजद की बिहार में हुई जीत को बयां करता है, यहां तक कि भाजपा को भी यकीन था कि वह राज्य में जीत जाएगी।''

उन्होंने कहा, "कई देशों में ईवीएम मशीनों का प्रयोग बंद हो चुका है। यहां तक कि आडवाणी जी समेत भाजपा भी इससे पूर्व कह चुकी है कि इनसे छेड़छाड़ की जा सकती है। यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका है कि ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ संभव है।"

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