पंजाब को रिमोट कंट्रोल से चलने वाला मुख्यमंत्री नहीं चाहिए: अकाली दल 

पंजाब को रिमोट कंट्रोल से चलने वाला मुख्यमंत्री नहीं चाहिए: अकाली दल राज्य की सभी 117 सीटों पर चार फरवरी को मतदान होना है।

नई दिल्ली (भाषा)। पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने को लेकर सत्तारुढ़ शिरोमणि अकाली दल ने इन पर निशाना साधते हुए आज कहा कि राज्य को ‘रिमोट कंट्रोल से चलने वाला' मुख्यमंत्री नहीं चाहिए और इन दोनों पार्टियों ने आलाकमान से थोपे गए व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने की योजना बना रखी है।

राज्य की सभी 117 सीटों पर चार फरवरी को मतदान होना है। अभी तक कांग्रेस और आप ने स्पष्ट नहीं किया है कि सरकार बनने की स्थिति में उनकी ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा। कांग्रेस के प्रचार अभियान का नेतृत्व कैप्टन अमरिंदर सिंह कर रहे हैं तो आप की तरफ से प्रचार का मोर्चा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संभाले हुए हैं।

अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘‘कांग्रेस और आप पंजाब में आलाकमान से थोपे गए व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। पंजाब के लोगों को इनकी इस योजना के बारे में पता चल चुका है और जनता इन दोनों पार्टियों को सबक सिखाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के लोग रिमोट कंट्रोल से चलने वाला मुख्यमंत्री नहीं चाहते। लोग एक सख्त नेतृत्व चाहते हैं जो पंजाब को आगे ले जा सके और राज्य के सामने खडी चुनौतियों का मुकाबला कर सके। इन दोनों पार्टियों के पास ऐसा कोई नेतृत्व नहीं है। अकाली दल ने यह साबित किया है कि पंजाब के लिए उसके पास सक्षम नेतृत्व है। यही बात अकाली दल को कांग्रेस और आप से अलग करती है।''

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के सलाहकार सिरसा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू को वेतनभोगी कर्मचारी करार देते हुए दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सिद्धू अब नेता नहीं बल्कि एक पेड़ इम्पलॉयी (वेतनभोगी कर्मचारी) की तरह काम कर रहे हैं। आज यहां कल वहां। कभी भाजपा में होते हैं तो फिर आप में जाने की बात करते है, लेकिन फिर कांग्रेस में चले जाते हैं। राज्य की जनता के बीच वह अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।'' आप की सरकार बनने पर पंजाब सरकार के मंत्री विक्र्रमजीत सिंह मजीठिया को एक महीने में जेल भेजने के केजरीवाल के बयान पर अकाली दल के नेता ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति आएगी कि केजरीवाल को खुद जेल जाना पडेगा। वह सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं जो कभी पूरा नहीं होना वाला। राज्य की जनता उनको पहचान चुकी है।''

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