राबोबैंक ने क्यों कहा कि आस्ट्रेलिया से खेती सीख सकता है भारत

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सिंगापुर (भाषा)। भारत को कृषि क्षेत्र के विकास के लिहाज से ज्यादा सक्रिय होने की ज़रुरत है और यह आस्ट्रेलिया जैसी कृषि अर्थव्यवस्थाओं से सीख सकता है। यह बात बैंकिंग कंपनी राबोबैंक सिंगापुर ने कही।

एशिया में खाद्य सुरक्षा की स्थिति का आकलन करने वाले राइस बोल सूचकांक (आरबीआई) के सदस्य मार्सल वान डोलमेले ने कहा, ‘‘बेहतरीन बुनियादी ढांचे से देश में खाद्य सुरक्षा की मजबूती बरकरार रखने में मदद मिलेगी।'' उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, परिवहन और सिंचाई प्रणाली के बेहतरीन माडल के साथ निर्यात केंद्रित कृषि अर्थव्यवस्थाओं में आस्ट्रेलिया प्रमुख है लेकिन कहा कि भारत सरकार की नीतियां और लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी हैं, हालांकि प्राप्त करना मुश्किल होगा।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में 100 प्रतिशत बिजली पहुंचाने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार, किसानों आय और ग्रामीण रोजगार में बढ़ोतरी, उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और वंचित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने जैसे लक्ष्यो की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि संतुलन बनाना सिर्फ निजी क्षेत्र के हाथों में नहीं है बल्कि सरकार को भी अच्छा बुनियादी ढांचा मुहैया कराकर अपनी भूमिका अदा करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा निष्कर्ष यह है कि भारत सरकार की ज्यादातर नीतियां सक्रियात्मक होने के बजाए प्रतिक्रियात्मक हैं।''

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